– एक ओर सरकार स्वच्छता पर लाखों करोडों का बजट बहा रही है
– दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर छितराई गंदगी हर किसी का मूंह चिढा रही है
भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार

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फरह। केन्द्र सरकार स्वच्छता अभियान के नाम पर करोडों का बजट बहा चुकी है। गांवों में शौचालय से लेकर डस्टबिन तक स्थापित कराए गए हैं। नगरपंचायतों और नगरपालिकाओं में कूडा गाडी, ई कचरा रिक्शा आदि उपलब्ध कराए गए हैं। ताकि गंदगी के चिनह नहीं रहें, वहीं फरह के पास हाईवे पर गंदगी का दलदल वहां से गुजरने वाले रोज हजारों यात्रियों को मूंह चिढा रहा है। इस कचरे का निस्तारण आज तक नहीं हो सका है।

फरह नगरपंचायत में स्वच्छता अभियान के नाम पर अभी तक मोटा बजट व्यय हुआ है। घर घर डस्टबिन बितरित की गईं तो ईरिक्शा तक कचरा ढोने के लिए खरीदे गए। नगर में ग्रामीणों को शौचालयों के निर्माण को आठ आठ हजार रूपया भी शासन से प्रदान किया गया है। लेकिन नगरपंचायत के समक्ष कचरा प्रबंधन के निस्तारण की समस्या का समाधान आज तक नहीं हो सका। पूर्व चेयरमेन मुरारी लाल शर्मा के काल में ख्ुालकर पूरे कस्बे का कचरा कस्बे से चंद कदम दूर ब्लाॅक और जीजीआईसी के सामने हाईवे की पटरियों पर फेंका गया। हाल यह है कि हाईवे के दोनों ओर कचरे के आज भी ढेर लगे हुए हैं। स्वच्छता की अलख जगाने वाले नुमाइंदांे को अपनी विलासी गाडियों में चलते समय यह गंदगी आज तक नजर नहीं आई। तब स्वच्छता अभियान किन अर्थों में सफल हो रहा है, यह ग्रामीणों की समझ से परे हो गया है।






