पूल, पॉप्सिकल्स और स्प्रिंकलर: वाइल्डलाइफ एसओएस ने बचाए गए हाथियों और भालुओं की गर्मियों में देखभाल के लिए उठाए विशेष कदम

भारत भर में गर्मी बढ़ने के साथ, वाइल्डलाइफ एसओएस ने गर्मी के मौसम में बचाए गए भालू और हाथियों को साल के सबसे गर्म महीनों के दौरान आरामदायक, हाइड्रेटेड और स्वस्थ रखने के लिए प्रबंधन प्रोटोकॉल को मजबूत कर दिया है। आगरा और मथुरा स्थित अपनी सुविधाओं में, संस्था ने तापमान में वृद्धि से राहत प्रदान करने के साथ-साथ जानवरों के शारीरिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए शीतलन उपायों, आहार में बदलाव और ठंडे वातावरण बनाए रखने के लिए ख़ास उपाय लागू कर दिए हैं।

आगरा भालू संरक्षण केंद्र में, बचाए गए भालुओं को ताज़ा तरबूज, खरबूजा, आम जैसे मौसमी फल दिए जाते हैं, जो उन्हें अतिरिक्त नमी प्रदान करते हैं, साथ ही ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) के माध्यम से इलेक्ट्रोलाइट्स भी दिए जाते हैं। गर्मी से राहत दिलाने और प्राकृतिक व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए जमे हुए फल के पॉप्सिकल्स जैसी ठंडक देने वाली चीजें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बाड़ों के अंदर स्थापित पानी के पूल, वॉटर स्प्रिंकलर और एयर कूलर बाड़ों के भीतर ठंडे वातावरण को बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे गर्मियों के चरम घंटों के दौरान उन्हें बहुत जरूरी राहत मिलती है।

इस बीच, मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र और हाथी अस्पताल परिसर में भीषण गर्मी के बावजूद हाथियों को ठंडा और सक्रिय रखने के लिए ग्रीष्मकालीन देखभाल उपायों का विस्तार किया गया है। बाड़ों में स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, साथ ही हाथियों को नहाने और आराम करने के लिए तालाबों तक निर्बाध पहुंच प्रदान की गई है। टीम हाथियों के लिए मिट्टी के स्नान की भी व्यवस्था करती है, जो उनको प्राकृतिक व्यवहार की नकल करने में मदद करता है और साथ ही उनकी त्वचा को धूप से भी बचाता है। हाथियों के आहार में तरबूज, कद्दू, लौकी और खीरे जैसे मौसमी फल और सब्जियां भी शामिल की जा रही हैं ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो।

 

*वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा*, “जैसे-जैसे हर साल तापमान बढ़ता जा रहा है, मानव देखरेख में रहने वाले जानवरों के लिए सक्रिय ग्रीष्मकालीन प्रबंधन और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। हमारी टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास करती हैं कि प्रत्येक भालू और हाथी पूरे मौसम में हाइड्रेटेड, आरामदायक और मानसिक रूप से सक्रिय रहे।”

 

*वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने बताया*, “ग्रीष्मकालीन देखभाल के प्रत्येक प्रोटोकॉल को जानवरों के शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है। चाहे वह जमे हुए भोजन का आनंद ले रहा भालू हो या स्प्रिंकलर के नीचे ठंडक पा रहा हाथी, हर प्रयास करुणा और विशेष देखभाल पर आधारित है।”

 

*वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक डॉ. इलयाराजा एस ने कहा*, “गर्मी के तनाव को रोकने के लिए निरंतर निगरानी, जल प्रबंधन और शीतल पर्यावरण आवश्यक हैं। आहार संबंधी सहायता के माध्यम से, हमारी पशु चिकित्सा और देखभालकर्ता टीमें यह सुनिश्चित करती हैं कि जानवर भीषण गर्मी की स्थितियों का सुरक्षित रूप से सामना कर सकें।”

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