औद्योगिक क्षेत्र साइड-बी मथुरा की सड़कों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।प्रतिदिन लगभग 500 से 600 टैंकर क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। जिनमें से 50 से अधिक टैंकर खुलेआम सड़कों पर पानी फैलाते चलते हैं।इसका परिणाम यह है कि सड़कें टूट रही हैं। जगह-जगह जलभराव हो रहा है, और हजारों लीटर कीमती पानी प्रतिदिन व्यर्थ बहाया जा रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि औद्योगिक क्षेत्र में कोई भी अधिकारी न तो कार्रवाई कर रहा है,न ही कोई ठोस कदम उठा रहा पा रहे हैं।रिफाइनरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा इस विषय में कई बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा,जिलाधिकारी मथुरा,थाना रिफाइनरी तथा क्षेत्रीय कार्यालय आगरा को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं।परंतु अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल का कहना है कि जब भी संगठन के प्रतिनिधि या उद्यमी स्वयं इन टैंकर चालकों को रोकने का प्रयास करते हैं,
तो वे झगड़े पर उतारू हो जाते हैं, जिससे अशांति और टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

यह न केवल औद्योगिक क्षेत्र की साख को ठेस पहुँचाता है बल्कि उद्यमियों की सुरक्षा और निवेश माहौल पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि औद्योगिक क्षेत्र जो विकास और उत्पादन का केंद्र होना चाहिए,
आज गैर-जिम्मेदार टैंकर चालकों की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हो गया है।
सड़कों के टूटने से उद्यमियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और इस पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।उपाध्यक्ष भगत सिंह पटेल ने बताया सभी टैंकर चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए क्षेत्र में स्थायी जल निकासी व्यवस्था और टैंकर नियंत्रण नीति लागू की जाए यूपीसीडा और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से निगरानी टीम गठित करें आज के समय में जल की अहम भूमिका है इसके बिना जीवन अधूरा है इसको ऐसे ही व्यर्थ न किया जाए।





