बैंक मैनेजर की मिलीभगत से फर्जी 105 चेकों के सहारे उड़ाए रुपये
फोटो- बैंक के स्टेटमेंट एवं एफ आई आर कॉपी दिखाता पीड़ित

देवेन्द्र गोस्वामी,प्रमुख संपादक
(पंडित दीनदयाल उपाध्याय समाचार)
योगी सरकार भ्रष्टाचार मिटाने की हर प्रयास कर रही है लेकिन सरकारी कर्मियों की वजह से सरकार के वादे पर लीपापोती हो रही है।मामला थाना फरह के विकासखण्ड फरह का है।

जहां 20 सालों से कार्यरत सचिव गुपाल सिंह पर प्रधान के ग्राम पंचायत के अलग-अलग खातों से फर्जी चेकों के सहारे 38 लाख 90 हजार रुपए गबन करने के मामले में थाना रिफाइनरी में नाम दर्ज रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। विकासखंड फरह के अंतर्गत गांव भाहई के पूर्व प्रधान सौदान सिंह ने सचिव गोपाल सिंह के कहने पर वर्ष 2012 से 2015 तक अपनी जमीन बेचकर विकास कार्य कराए थे। जिसकी राशि सचिव ने शासन के द्वारा पैसा आने पर देने का वादा किया था। शासन से पैसा तो आया लेकिन सचिव नहीं फर्जी चेक लगाकर पैसा निकाल अपनी जेब में रख लिया।जब पूर्व प्रधान ने इंडियन ओवरसीज बैंक बरारी से स्टेटमेंट निकलवाया तो 105 फर्जी चेकों के द्वारा कुल 57 लाख 53 हजार 851 रुपए का गबन बैंक कर्मी की मिलीभगत से सचिव के द्वारा कर लिया गया।

जिसकी शिकायत पीड़ित ने कप्तान एवं जिलाधिकारी को की उच्च अधिकारियों द्वारा जांच के आदेश तो दिए लेकिन दबंग सचिव ने मामले को रुकवा दिया। विगत दिन भी उच्चाधिकारियों से पीड़ित ने शिकायत की तो दबंग सचिव के खिलाफ थाना रिफाइनरी में मुकदमा दर्ज कर दिया गया।पीड़ित ने बताया पूरी कमाई सचिव के कहने पर विकास कार्य में लगा दी,वह रोड पर आ गया है अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह परिवार सहित आत्मदाह भी कर सकता है।

वर्जन-
सीओ रिफाइनरी राकेश कुमार ने बताया मामले की जांच की जा रही है साक्ष्य इकट्ठे किए जा रहे हैं दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जाएगी






