– शहर के मैरिज होम दुल्हन की तरह सजे
– पूरे शहर में पहले दि नही रहा शादियों के कारण जाम
भरत लाल गोयल

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मथुरा। देवोत्थान एकादशी पर देव जागने के साथ ही शहर में शहनाईयां गूंज उठीं। जगह जगह मैरिज होम दुल्हन की तरह सजे नजर आए। लगभग दो दर्जन शादियां एकादशी के दिन मथुरा शहर में सम्पन्न हुईं।
चार माह बाद मांगलिक कार्याें पर लगा विराम प्रबोधिनी एकादशी पर हटा तो लोगों में खुशी तैर गई। मथुरा शहर में इस दिन मैरिज होम बारातों से से सजे रहे। बारातों के कारण पहले दि नही जाम के हालात रहे। यही नहीं कस्बों में भी बैण्डबाजों के स्वर गूंजे। आधीरात तक सडकों पर जाम के हालात दिखे।
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महिलामातृमंडल ने मनाया देवोत्थान का पर्व
दीनदयालधाम में महिलामातृमंडल ने देवोत्थान एकादशी का पर्व परम्परागत तरीके से मनाया। महिलाओं ने फूलों आदि से रंगोली आदि भी सजाई। गन्ना, सिंघाडे और सब्जी आदि से देवों की पूजा की गईं। माना जाता है कि इस दिन भगवान बिष्णु क्षीरसागर में शेषनाग शैय्या से जागे थे। उस उपलक्ष्य में प्रबोधिनी एकादशी का पर्व मनाया जाता है।
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देहात में नहीं मालुम महिलाओं को िकइस दिन क्या हुआ
देेहात में रात में देवों को बिधिविधान से पूजा आदि कर देवों को जगाया गया। महिलाओं ने यह पर्व मनाया तो सही, लेकिन उनको खुद यह नहीं पता था कि किस उपलब्क्ष्य में इसको वे मना रही हैं। केवल घरों में रंगों से आकृतियां बना दीं और दीप जला दिए। गन्ना आदि से दीवारों पर देवी आदि के चित्र बनाकर पूजा की गई। एक महिला ने बताया िकइस दिन देवताओं की पूजा की जाती है, किस देवता की पूजा करती हैं, इस सवाल पर वह चुप हो गई।






