– ग्यारस या एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी से शुरू हो जाएंगे मांगलिक
भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार

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सोमवार को देश में एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भारतीय वाडमय के अनुसार तुलसी सालिगराम का विवाह भी मन्दिरों में सम्पन्न किया जाता है। इसी दिन से मांगलिक कार्य प्रारम्भ हो जाते हैं।
बता दें कि इस दिन को प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। घरों में देवों को जगाने का प्रक्रम भी किया जाएगा। गन्ना और सब्जियों से पूजा होगी। थालियां भी बजाई जाएंगी। मान्यता है िकइस दिन भगवान बिष्णु क्षीरसागर में चार महीने की निद्रा के बाद जागते हैं। इनके जागने के बाद ही सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। इस साल हर साल की भांति देवउठनी ग्यारस का पर्व 19 नवम्बर को मनाया जाएगा। मान्यतया यह भी है कि यदि किसी व्यक्ति के पास कन्या नहीं है और कन्या दान का सुख उठाना चाहता है तो वह तुलसी विवाह कर उस आनन्द प्राप्त कर सकता है।
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ये उपाय कर प्राप्त कर सकते हैं लाभ
भगवान बिष्णु पर केसर मिश्रित दूध से अभिषेक कर मनचाही इच्छा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा इस दिन यदि आप नदी में स्नान कर गायत्री मंत्र का जाप कर स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। यदि आपके पास धन की समस्या है तो इस दिन आप भगवान बिष्णु के मन्दिर में सुेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं और उसमें तुलसी के पत्ते जरूर डालें। इसके अलावा आप चाहें तो इस दिन बिष्णु मन्दिर में एक नारियल व थोडे बादाम चढाएं। इस उपाय को करने से अटके काम बनने लगेंगे। सुखों की प्राप्ति होगी। एकादशी पर भगवान बिष्णु की मूर्ति के सामने पूजा करें और तस्वीर के सामने कुछ पैसे रख दें। पूजा के बाद वह पैसे फिर से अपने पर्स में रख लें इससे धनलाभ की प्राप्ति होगी।






