देवेन्द्र गोस्वामी
वन्यजीव संरक्षण को और बेहतर स्तर पर भड़ावा देते हुए, संरक्षण संस्था वाइल्डलाइफ एसओएस ने वन विभाग उत्तर प्रदेश के साथ मिल कर भारत का पहला हाथियों का अस्पताल बनाया जिसका आज सफलतापूर्वक उद्घाटन किया गया। अस्पताल में घायल और बीमार हाथीयों के उपचार हेतु वायरलेस डिजिटल एक्स-रे, लेज़र ट्रीटमेंट, डेंटल एक्स-रे, थर्मल इमेजिंग, हाइड्रोथेरेपी, अल्ट्रासोनोग्राफी आदी जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं। अस्पताल वाइल्डलाइफ एसओएस के ही मथुरा स्थित हाथी संरक्षण केंद्र के ही नज़दीक है।

हाथी अस्पताल का उद्घाटन आगरा के कमिशनर श्री अनिल कुमार जी द्वारा किया गया जिनके साथ जिलाधिकारी, मथुरा श्री सर्वज्ञ राम मिश्रा, वन संरक्षक, आगरा श्री जावेद अख्तर, डी एफ ओ, मथुरा श्री अरविंद कुमार, उप-वन संरक्षक, चम्बल प्रोजेक्ट्स, श्री ऐ.के श्रीवास्तव, हेल्प आगरा और सत्यमेव जयते ट्रस्ट के संस्थापक श्री मुकेश जैन एवं सुप्रीम कोर्ट मोनिटरिंग कमेटि के सदस्य श्री रमन जी भी मौजूद रहे।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण और गीता शेषमणि जी ने माननीय कमिशनर आगरा का स्वागत किया और उद्घाटन करने के बाद उनको अस्पताल में मौजूद सभी तरह के आधुनिक उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी।

भारत का पहले हाथी अस्पताल करीब 12,000 स्क्वायर फ़ीट में फैला हुआ है, जिसमे ट्रीटमेंट में चल रहे हाथी की देख रेख के लिए आधुनिक तकनीक के क्लोज्ड सर्किट इंफ़्रा रेड सीसीटीवी कैमरा लगे है। वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा नये वेटरनरी छात्रों के लिए हाथियों के मेडिकल उपचार की ट्रेनिंग कोर्स भी कराये जाएंगे।
श्रीमती मेनका गांधी, केंद्रीय मंत्री, ने कहा – यह गर्व की बात है कि हाथियों के उपचार के लिए अस्पताल बनाया गया है। में उत्तर प्रदेश के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन और वन विभाग को बधाई देती हूं जिन्होंने वाइल्डलाइफ एसओएस के साथ मिल कर हाथियों के संरक्षण और रख रखाव के लिए इस अस्पताल की स्थापना करी।
कार्तिक सत्यनारायण, सह-संस्थापक, वाइल्डलाइफ एसओएस ने कहा – यह अस्पताल हाथियों के बेहतर रख रखाव और घायल हाथियों के उपचार में हमारी सहायता करेगा साथ ही साथ भारत में हाथियों के संरक्षण और विकास को और भी ज़्यादा भड़ावा देगा।

गीता शेषमणि, सह-संस्थापक, वाइल्डलाइफ एसओएस – हमारी वेटरनरी डॉक्टर्स की टीम और स्टाफ दिन रात हाथियों की देख रेख की जिम्मेदारी निभाते हैं। हालांकि, पूर्व में हुए इन हाथियों पर अत्याचार को तो हम नही बदल सकते लेकिन अस्पताल के माध्यम से इन हाथियों का बेहतर स्तर पर इलाज ज़रूर कर सकेंगे।
एम एस नेगी आई एफ एस, ऐडीजी (वाइल्डलाइफ) मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट एंड फारेस्ट, भारत सरकार, ने कहा – में वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग को बधाई देता हूं जिन्होंने भारत के प्रथम हाथी अस्पताल की स्थापना करी। मुझे उम्मीद है इससे लोगों में जागरूकता फैलेगी।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सीनियर वेटरनरी डॉक्टर, डॉक्टर यदुराज ने कहा – हर हाथी के रेस्क्यू के साथ हमने यह जान है कि इन हाथियों की कैद में स्थिति दयनिये है, भरपूर आहार ना मिलने की वजह से कमज़ोरी, घंटो तक धूप में चलते रहने से पैरों में छाले एवं दिमागी तौर पर असामान्य। रेस्क्यू सेंटर में भी पुनर्वासन के बाद भी यह हाथी इंसानो पर ही अपने जीवनयापन के लिए निर्भर रहते है।
माननीय कमिशनर आगरा, श्री अनिल कुमार ने कहा – मुझे इस बात की खुशी है कि आगरा में अब ताज महल के साथ ही एलीफैंट हॉस्पिटल भी है। में वाइल्डलाइफ एसओएस को बधाई देता हूं जिन्होंने भारत में पहला हाथियों का अस्पताल बनाया जिससे कि ज़रूरतमंद हाथियों की मदद और भी बेहेतर तरीके से की जा सके






