– फरह स्थित सचदेवा इंस्टीटयूट आफ टेक्नोलॉजी में हुई एक दिवसीय एथिकल हैकिंग कार्यशाला का आयोजन
भरत लाल गोयल
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मथुरा। फरह स्थित सचदेवा इन्स्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी में ‘एथिकल हैकिंग’ विषय पर इग्नाइट टैक्नोलॉजी, दिल्ली द्वारा एक-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कम्प्यूटर साइंस, इलैक्ट्रोनिक्स इन्जीनियरिंग एवं इलैक्ट्रीकल इन्जीनियरिंग के छात्रों ने प्रतिभाग किया।

कार्यशाला में राहुल वागमानी ने साइबर अटैक के विभिन्न तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। छात्रों को वेबसाइट हैकिंग, नेटवर्क हैकिंग, एस क्यू एल इन्जेक्शन, वायरस आदि के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि एथिकल हैकिंग का उद्देश्य विभिन्न सॉफ्टवेयर व कम्प्यूटर सिस्टम की विभिन्न हमले के प्रति प्रतिरोधक क्षमता को ऑंकना एवं उन्हें अधिक सुरक्षित बनाना है। वर्तमान में देशों के लिये अपने व्यक्तिगत व संवेदनशील डाटा को चोरी होने से रोकना एक बडी चुनौती बनता जा रहा है।
कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञों ने मोबाइल हैकिंग करके किसी भी व्यक्ति के मोबाइल डाटा की निगरानी करने व बातचीत रिकॉर्ड करने के लिये प्रयोग होने वाले सॉफ्टवेयर्स की जानकारी दी और अपने मोबाइल फोन को सुरक्षित बनाने के उपायों की चर्चा की। उन्होने फुटप्रिटिंग के द्वारा लोगों की व्यक्तिगत जानकारी पता करने के विभिन्न सॉफ्टवेयर टूल्स के बारे में बताया।
इस मौके पर छात्रों को हैकिंग के दुरूपयोग एवं उनके गम्भीर दुष्परिणामों के बारे में सचेत किया गया। छात्रों को सलाह दी गयी कि एथिकल हैकिंग का प्रयोग समाज की भलाई में करें। इस मौके पर
संस्थान के चेयरमैन डा सुधीर सचदेवा ने विशेषज्ञों का स्वागत किया और कहा कि तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र मे उपलब्ध असीमित अवसरों का लाभ छात्रों को समय रहते लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र इस क्षेत्र में बेहतरीन करियर बना सकते हैं। कार्यक्रम में संस्थान के उपनिदेशक (एडमिन) डॉ ए.के. सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ भोले सिंह, कम्प्यूटर साइन्स विभागाध्यक्ष डॉ पंकज शर्मा एवं इलैक्ट्रानिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन्स विभागाध्यक्ष मोहित गहरवार आदि मौजूद रहे।






