-12460 अध्यापक भर्ती प्रक्रिया निरस्त, तीन माह में पूरी होगी पुन भर्ती
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भरत लाल गोयल
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लम्बे समय से गडबडियों के चलते 68500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को हाईकोर्ट ने अंतत सीबीआई के हवाले कर दिया है। सीबीआई छह माह में जांच पूरी कर उन ,मगरमच्छों, का भी नाम खोलगी , जो अभी तक जांच में बच रहे थे।

पहलीबार हुई लिखित परीक्षा से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया भी गडबडियों की भेंट चढ गई। इसमें जिस प्रकार धांधली की बू सामने आई, इससे प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों के चेहरे लटक गए।

कई पास अभ्यर्थियों को भी फेल दर्शा दिया गया तो फेल को पास कर दिया गया। सरकार के उचित नियंत्रण के अभाव में अधिकारियों ने इस भर्ती प्रक्रिया में भी अपने हिसाब से रोटी सेंकी। अपनी छवि बचाने के लिए सरकार ने अपने स्तर से जांच कराने का निर्णय लिया और भर्ती की कापियां का पुनर्मूल्यांकन शुरू कर दिया गया।
लेकिन इसके बाद भी जांच संतोषजनक नहीं हुई। इसको लेकर रामजनक और कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की। इस पर सुनवाई करते हुए अपने 65 पेज के फैसले में पूरी भर्ती प्रक्रिया को सीबीआई के हवाले कर दिया गया है और अदालत ने आदेश देते हुए कहा है ि कवह छह माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट दे। सीबीआई की जांच के आदेश के बाद सूबे में तहलका मच गया है। माना जा रहा है कि अब उनकी भी गर्दन फंस सकती है, जो अभी तक बचे हुए थे। दूसरी ओर सोनदेवी की रिट पर अपने 18 पेज के फैसले में सपा शासन से चली आ रही 12460 अध्यापक प्रक्रिया को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया को तीन माह में पुन पूरा करने का कोर्ट ने आदेश दिया है।






