– चारा खाने के बाद दो कीमती घोडे समाए काल के गाल में
– परिवार के सदस्यों की तरह प्रिय रहे ये मूक पक्षी और जानवर
भरत लाल गोयल
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मथुरा।मोतीकुंज स्थित एक परिवार में 30 साल से पल रहा मिटठू तोता के बीते दिन अचानक प्राण पखेरू उड गए। उसकी मौत से परिवार के सदस्य सदमे हैं। दूसरी ओर फरह स्थित एडीफाई कालेज आफ टेक्नोलॉजी के दो घोडे चारा खाने के बाद मौत की नींद सो गए। पशु चिकित्सक द्वारा उनका पोस्टमार्टम कर मृत्यु के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

मोतीकुंज के प्रवक्ता केके अग्रवाल के परिवार में पिछले 30 साल से एक तोता पल रहा था। प्यार से परिवार के लोगों ने उसका नाम मिटठू रखा था। तोता घर के बैठक कक्ष की शोभा बढा रहा था। आगन्तुकों का वह बडी जोशी से स्वागत करता था। परिवार के सदस्यों के अनुसार वह बीते दिन अचानक जमीन पर लुढक गया और थोडी देर में ही वह मौत के मूंह में समा गया। परिजनों के अनुसार मिटठू की मौत से उनको सदमा लगा है। दूसरी ओर फरह स्थित एडीफाई कालेज आफ टेक्नोलॉजी में संदिग्ध परिस्थितियों में चारा खाने के बाद दो घोडों की दर्दनाक मौत हो गई। पशुचिकित्सक ने उनका पोस्टमार्टम किया है। मौत का कारण अभी तक जहरीला पदार्थ निकल कर आया है। कालेज चेयरमेन हर्ष भास्कर ने बताया कि कर्मचारी ने उनको चरी खिलाई थी। इसके बाद अचानक घोडे मौत के मूंह में चले गए। मौत के कारणों में प्रथमदृष्टया जहरीला पदार्थ निकल कर सामने आ रहा है। माना जा रहा है कि हो सकता है कि रासायानिक पदार्थ आदि से चरी जहरीली हो गई हो।






