– पंचायतों में शौचालयों के नाम पर खुलकर हो रहा घोटाला
– लटकाए गए डस्टबिन पडे सूने
भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार
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फरह। ब्लॉक में स्वच्छता अभियान को ग्राम पंचायतेंं ही पलीता लगाने में लगी हैं। इसके नाम पर घोटालों की परतें सामने आ रही हैं। शौचालयों के नाम पर गांवों में बंदरबाट किया जा रहा है। लेकिन अधिकारी कुम्भकर्णी नींद सोए हुए हैं। दरअसल गांवो में जागृति के अभाव में स्वच्छता अभियान के तहत मिली राशि का कदापि सदपयोग नहीं हो पा रहा है। कई पंचायतों में शौचालयों के निर्माण में घोटाले की बू उठने लगी है। सूत्रों के अनुसार प्रधानों ने अपने चहेतों को शौचालय निर्माण की राशि की किश्त तो दिलवा दी हैं, लेकिन उनके घरों में पुराने बने शौचालयों को ही दर्शा दिया है। निर्माण के नाम पर मिली धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया है। हालांकि ऐसे शौचालयों की संख्या 10 से 20 बीसदी मानी जा रही है। यदि प्रशासन क्रासचेकिंग करा दे तो यह घोटाला बडा वट वृक्षबनकर सामने आ सकता है। यही नहीं कई पंचायतों में कचरे के निष्पादन के लिए डस्टबिन रखवाए गए हैं, लेकिन उन पंचायतों में डस्टबिन अनुपयोगी पडे हैं। इसके पीछे यह वजह भी बताई जा रही है कि उपयोगी स्थलों पर उनको न लगाकर व्यक्तिगत जगहों पर स्थापित कर दिया गया है। गांवों में इस बात को लेकर लोगों में सदैव मतभेद रहता है। आप खुद ऐसी पंचायतों में आकर डस्टबिनों की उपयोगिता देख सकते है। यानी कोई भी आम नागरिक उनकी दशा को देखकर यही कह सकता है कि सरकार का उन पर किया गया व्यय व्यर्थ चला गया है। अच्छा होता कि यदि डस्टबिन डोर डोर गांवों में दिए जाते।
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वर्जन
अभी इस तरह की शिकायत उनके सामने नहीं आई है। इस मामले में जांच करवाकर दोषियों के बिरूद्व कार्यवाही करेंगे।
संतोष कुमार, एडीओ पंचायत फरह
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