– द्वापर युग के कृष्णमय हो गया मासूमों से दीनदयालधाम का रंगमंच
– महिला मातृ सेवा मंडल की ओर से कराई गई बालकृष्ण सज्जा प्रतियोगिता
भरत लाल गोयल
——————————————
फरह। पीताम्बर ओढे, कमर में कंधोनी, अधरों पर बासुरी। कुछ हसंते तो कुछ रोते बालकृष्ण हर किसी को रिझा रहे थे। मौका था दीनदयालधाम में बालकृष्ण सज्जा प्रतियोगिता का।

हरबर्ष की भांति इस बार भी अंतिम दिन दीनदयालधाम में बालकृष्ण सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 100 से ज्यादा नन्हे मुन्नों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का आयोजन अपरान्ह तीन बजे से था, किन्तु श्रमकल्याण मंत्री के आगमन की सूचना पर कार्यक्रम विलम्बित हो गया। शाम को हुए कार्यक्रम में आसपास और कस्बे की महिलाएं अपने लाडलों को कृष्ण वेशभूषा में मंच पर लेकर आईं। कृष्णसज्जा में सजे नन्हेमुन्नों को देख द्वापर युग जीवत हो रहा था दीनदयालधाम में। मंच पर खडे होने में कुछ शरमा रहे थे तो कई मासूम रो रहे थे। उनकी मां उनको टाफी देकर बहला रही थीं। आकर्षक बिहरंगम दृश्य देख आयोजक भी गदगद हुए बिना नहीं रह सके। अंत में कृष्ण बने बच्चों का रेम्प पर कैट वॉक कराया गया। अंत में उनके हावभाव, मेकअप, ड्रेस और कॅट वॉक के आधार पर निर्णायकों ने प्रथम तीन बच्चों का चयन किया। कार्यक्रम का संचालन मातृ सेवा मंडल की महामंत्री रीना सिंह ने किया। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष अशोक टैंटीवाल, चेयरमेन फरह केके पचौरी, डा रोशनलाल ने संयुक्तरूप से पुरस्कार प्रदान किए।






