-408 मजदूरों को 99 लाख 52 हजार की धनराशि के प्रमाण पत्र वितरित, -गरीब मजदूरों के परिजनों के चेहरे खिले
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भरत लाल गोयल
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फरह। बाबासाहेब और पं दीनदयालजी के विचारों में समानता थी। दोनों ने धरा पर व्यवस्थाओं में आमूलचूल परिवर्तन के लिए कार्य किया। दोनों के विचारों में गरीबों का चिंतन ही नहीं था, वरन उनके कल्याण की भावना थी। वर्तमान में लोकतांत्रिक सरकारें उनके विचारों को साकार करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को अमलीजामा पहना रही है। हमारा श्रमकल्याण विभाग भी अंतिम पायदान पर खडे व्यक्ति को समर्पित है।

उक्त उद्गार स्वामी प्रसाद मौर्य, सेवायोजन एवं श्रम कल्याण मंत्री उप्र द्वारा पं0 दीनदयाल उपाध्याय जन्मोत्सव मेला के मधुकर सभागार में आयोजित सभा में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि पंडितजी के विचारों अनुरूप ही हमारी केन्द्र और प्रदेश की सरकार कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज के अंतिम पायदान पर खडा व्यक्ति ऊॅचें पदों पर पहुंचेगा, तो सभी का कल्याण अवश्यंभावी है। पं0 दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय का दर्शन आज हमें उच्च पदों पर बैठे देश राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के रूप में दिख रहा है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने 408 मजदूरों को 99 लाख 52 हजार रूपये की धनराशि से लाभान्वित करते हुए उनको प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। मेला के अंतिम दिन मंत्री के हाथों धनराशि के प्रमाण पत्र पाकर गरीबों के चेहरे खिल उठे। प्रीती देवी जिसका पति बिजली विभाग में संविदा पर कार्यरत था, जिसकी मृत्यु हो गयी थी, को पांच लाख पच्चीस हजार रूपये का प्रमाण पत्र दिया गया। चंदा देवी, भगवान देवी, रूकसाना, नीतू सारस्वत, ओमवती आदि को दो लाख पच्चीस हजार की धनराशि से लाभान्वित किया गया। विभाग द्वारा कुल 99 लाख 52 हजार रूपये की धनराशि से लाभार्थियांं को लाभाविन्त किया । धन्यवाद ज्ञापन समिति के निदेशक राजेन्द्र प्रसाद द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मथुरा, समिति अध्यक्ष अशोक कुमार टैंटीवाल, महामंत्री डा0 कमल कौशिक, स्मारक समिति उपाध्यक्ष डा0 रोशन लाल, मंत्री नवीन मित्तल, रमाशंकर पचौरी, भगवान स्वरूप दुबे, अजय पोइया, महीपाल सिंह, के0 के0 पचौरी, चैयरमैन फरह, मनीष गुप्ता, ठा0 महीपाल सिंह, जगमोहन पाठक, बृजमोहन गौड, लाल सिंह, राजदर्शन पचौरीं आदि उपस्थित थे।






