भरत लाल गोयल
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पंडितजी करूणा की मूर्ति थे। आकर्षक व्यक्तिविश्व में एकात्ममानववाद का सिरमौर बना दिया। उनके विचारों में समग्रता थी। गरीब का चिंतन था। समाजवद के विचार परिलक्षित होते थे। अंतिम पायदान के व्यक्ति की चिंता थी। ऐसा व्यक्तित्व किसी अवतार से कम नहीं हो सकता। ये विचार भावांजिल कार्यक्रम में विहिप के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य दिनेशजी ने व्यक्त किए।

डा0 हरीश, प्रान्त प्रचारक, बृज प्रान्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मुख्य वक्ता के रूप में लोगों से कहा कि पंण्डितजी के विचार और गांव दुनिया के पटल पर आज रोशन है। उन्होंने आहवान किया कि समूचे ग्रामवासियों के चरित्र से एकात्मामनवाद के विचार झलकने चाहिए। ताकि बाहर से आने वाले लोग गांव के विचारों की महक से ही सराबोर हो जाएं। उनहोने कहा कि संस्कारों की पुट विचारों होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत पंण्डित जी के विचारों पर संचरित कर सशक्त हो रहा है। शक्तिशाली देशों के मुख्यि स्वयं स्वागत के लिए भारत की ओर मुखातिब हो रहे हैं। प्रान्त प्रचारक ने कहा कि वर्तमान सरकार की मेगा योजनाएं गरीबों के लिए दुर्घटना बीमा, आयुष्मान भारत योजना, निः शुल्क गैस कनैक्शन, बैंक खाते आदि पंडितजी के विचारों से ओतप्रोत हैं।
भावांजलि मे ओम प्रकाश, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विश्व हिन्दू परिषद ने पं0 दीनदयाल उपाध्याय के विचार का अनुसरण करने का आवहान किया। समिति संरक्षक बाकें बिहारी माहेश्वरी ने कहा कि दीनदयाल धाम विश्व में सूरज की तरह चमक रहा है।
, भावांजलि में समिति के निदेशक राजेन्द्र प्रसाद, महोत्सव समिति अध्यक्ष अशोक कुमार टैंटीवाल, महामंत्री डा0 कमल कौशिक, रमाशंकर पचौरी, डा0 रोशन लाल, नवीन मित्तल, मनीष गुप्ता, चौ0 तेजवीर सिंह, सभापति, उ0प्र0 कोपरेटिव सोसाइटी, विधायक ठा0 कारिंन्दा सिंह, आरयेन्द्र विभाग प्रचारक, मनोज जिला प्रचारक वृन्दावन, महावीर प्रान्त सह शारीरिक प्रमुख, छैल विहारी, धमेन्द्र विभाग प्रचारक फिरोजाबाद, राजवीर प्रचारक, शिव कुमार महानगर कार्यवाह, डा0 डी0पी0 गोयल, ंअजय पोइया, रविकांत गर्ग, मनोज अग्रवाल, महीपाल सिंह, के0 के0 पचौरी, चैयरमैन फरह, ठा0 महीपाल सिंह, जगमोहन पाठक, बृजमोहन गौड, लाल सिंह, राजदर्शन पचौरी, नरेन्द्र सिंघल, ज्ञानेन्द्र शर्मा एवं प्रचार मंत्री मुकेश शर्मा उपस्थित थे।






