मथुरा एक तरफ जहां सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जन जन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा करते हैं ऐसे में किसी भी अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर उंगली उठना या फिर लापरवाही का आरोप लगना चिंता का विषय है मुख्यमंत्री के मंसूबों पर पानी फेरने का एक मामला गुरुवार की देर रात उस समय सामने आया जब मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय में गुरुवार की देर रात जेल में निरुद्ध कैदी की उपचार के दौरान मौत हो गई जिसे लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाया है आपको बता दें कि मृतक कैदी प्रमोद शर्मा जनपद अलीगढ़ के गोंडा का मूल निवासी था जो फिलहाल में अपने परिवार के साथ मथुरा के बलदेव पुरम में रह रहा था और पुत्र बधू द्वारा लगाए गए दहेज के मुकदमे में मथुरा कारागार में निरुद्ध था जिसकी गुरुवार की दोपहर अचानक से तबीयत खराब हो गई जिसे उपचार के लिए मथुरा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां लगभग 3 घंटे उपचार के बाद उसकी मौत हो गई जिसे लेकर परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा करते हुए अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाया है आपको बता दें कि महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पहले भी कई बार संदिग्ध के घेरे में रही है और समय-समय पर उनकी लापरवाही को लेकर उंगलियां उठती हैं