-रातभर भजनों और गीतों पर झूमे श्रद्वालु
-बाहर से आए जागरणमंडल ने लोगों का मनमोहा
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भरत लाल गोयल
फरह। मेरे वीर जबाहर जी। तो कू चढावू भेंट…. इन पंक्तियों के साथ रात्रि के प्रथम प्रहर में खटकते चिमटे और नक्कारे की गूंजती घ्वनि के बीच जागरण की भेंट शुरू हुई तो महिला, पुरूष और बच्चे मंत्र मुग्ध हो गए। इसके बाद ज्यों ज्यों रात स्याह होती गई, त्यों त्यों जागरण परवान चढता चला गया। एक ये बढकर एक गीत और भजन ने लोगों को रिझा डाला। गायिका ने मनमोह देने वाले भजनों का समां बांध दिया। इससे पूर्व गोगाजी की भक्तों ने पूजा अर्चना की और हवनयज्ञ भी किया गया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ की बेला में कलाकारों के साथ आगन्तुकों का भी भक्तों ने पटुका पहनाकर स्वागत किया। इसके अलावा शाम को भोज भी प्रदान किया गया। भक्तमंडल ने बताया ि क वे हर साल इस तरह का कार्यक्रम कई सालों से कस्बे में आयोजित कराते आ रहे हैं। साथ ही वे गोगाजी की यात्रा को भी प्रतिवर्ष जाते हैं। इसके लिए पहले से ही पूरी व्यवस्था की जाती हैं। इस मौके पर चेयरमेन केके पचौरी, स्मारक समिति के निदेशक राजेन्द्र सिंह, केके सिंह, बिरजी भगतजी, सुरेश चौहान, बिष्णुशर्मा, देवेन्द्र गोस्वामी आदि दर्जनों लोग मौजूद थे।






