-स्मारक समिति के सरंक्षक की भूमिका निवाही थी पूर्व प्रधानमंत्री ने
भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार
——————————————
फरह। युगप्रवर्तक, महान युग दृष्टा पूर्व प्रधानमंत्री अटलविहारी वाजपेई को दीनदयालधाम के मधुकर सभागार में स्मारक समिति के पदाधिकारियों और क्षेत्र के हजारों लोगों ने नम आंखों से भावभीनी श्रद्वाजंलि अर्पित की और उनको आधुनिक युग का नायक बताया।

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि अटलजी का व्यक्तित्व निर्विवाद रहा। उन्होने सिंद्वांतों की राजनीति की। वे साफ सुथरी और पावन राजनीति के पक्षधर थे। वक्ताओं का कहना था कि देश ने एक लाल को खोया है। उन्होने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने तीन बार देश के प्रतुख पद को सुशोभित किया, भले वे अल्प समय के लिए एक बार रहे, लेकिन सिंद्वान्तों से समझौता नहीं किय। वे राजनीति में नैतिकता के पक्षधर रहे। इस मौके पर एक मिनट का मौन धारण कर उनकी आत्मा की शांति की कामना की। इस मौके पर निदेश राजेन्द्र सिंह, मेला समिति के अध्यक्ष अशोकटैंटीवाल, डा रोशनलाल, डा कमलकौशिक, नवीन मित्तल, मनीष गुप्ता, नरेन्द्रसिंघल, नरेन्द्र पाठक, जगमोहन पाठक, महीपालसिंह,राजदर्शनपचौरी, लालसिंह,सुभाष तरकर, घनश्याम गुप्ता व हजारों ग्रामीण इस मौके पर उपस्थित रहे।
——————————————






