भरत लाल गोयल, न्यूज एडीटर पीडीयू समाचार

फरह। उनकी अवधारणा है कि बैग लैस शिक्षा हो। संस्कार ही देश को आगे ले जा सकते हैं। वर्तमान शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का एक साधन बनकर रह गई है। ये उदगार ब्लाॅक प्रमुख नरेन्द्र सोलंकी ने रैपुराजाट में एक स्कूल में आयोजित वार्षिक समारोह में व्यक्त किए।
श्री सोलंकी ने कहा कि मैकाले शिक्षा पद्वति से देश का कभी भला नहीं होगा। उनहोने कहा कि प्राचीनकाल में आश्रम शिक्षा पद्वति में संस्कार प्रमुुख थे। वर्तमान शिक्षा में संस्कारों को कोई स्थान नहीं है।इसके फलस्वरूप शिक्षा नैतिकविहीन हो गई है और स्कूल कालेजों से निकलकर देश का भविष्य अपराधों के दलदल में अपनी जिंदगी को खपा रहा है। इस मौके पर स्कूल के छात्रछात्राआंें ने संास्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बंाध दिया। बच्चों ने देश भक्ति से ओतप्रोत नाटक और गीत प्रस्तुत कर लोगों में भक्तिभावना को भी जागृत किया। एक छात्रा ने सपना चैधरी के हरियाणवी गाने पर डांस कर सभी का मन मोह लिया। एक अन्य कक्षा दो की छात्रा ने बेहद आकर्षक डांस प्रस्तुत किया तो लोगों ने दांतों दतले अंगुली दबा ली। तत्पश्चात एक के बाद एक आकर्षक कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम का उदघाटन ब्लाॅक प्रमुख नरेन्द्र सोलंकी और पूर्व सरपंच तालेवर सिंह द्वारा मां शारदे के समक्ष दीपप्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद कालेज प्रबंधक ने मुख्य अतिथि और बिश्ष्टि अतिथियों का साफा बांध और माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कार्यक्रमोरान्त मुख्य अतिथि ने इंटर और हाईस्कूल बोर्ड परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक पा्रप्त करने वाले छात्र छात्राओं को मोेंमेंटों भेंट करने के साथ ही उनके उत्साहबर्धन को खुद भी एक एक हजार का उनको पुरस्कार भेंट किया। इस मौके पर सैकडों ग्रामीण मौजूद थे।






