– 38 सालों में पहली बार प्रदेश अध्यक्ष का पद इतने समय से खाली
– अमित शाह और बसुन्धरा राजे के बीच अपने अपने चहेतों को अध्यक्ष बनाने को लेकर टकराव

भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार चैनल
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राजस्थान में ज्यों ज्यों बिधानसभा के चुनाव निकट आते जा रहे हैं, प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सत्ता के गलियारों में टकराव के बादल ज्यादा उमडने लगे हैं। दो शीर्ष नेताओं के टकराव के कारण प्रदेश में पहलीबार इतने लम्बे समय से प्रदेश अध्यक्ष की सीट रिक्त पडी है।
दरअसल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिह शेखावत को प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते हैं। उनका मानना है कि राजस्थान में राजपूत भाजपा से नाराज हैं। गजेन्द्र के अध्यक्ष बनने से राजपूत वर्ग पार्टी से खुश हो जाएगा, लेकिन मुख्यमंत्री बसुन्धरा राजे को वह पसन्द नहीं है। वह जो नाम सुझाती हैं, वह नाम अमितशाह को नहीं भाता है। पसंद-नापंद को लेकर दोनों के बीच अन्तद्र्वंद्व चल रहा है। इस द्वंद्व से ऐसे भाजपाई खुश हैं जो राष्ट्रीय अध्यक्ष की तानाशाही से पीडित हैं। दरअसल मुख्यमंत्री चाहती हैं कि प्रदेश अध्यक्ष उनकी पसंद का बने। इसको लेकर मुख्यमंत्री और अमितशाह के बीच दिल्ली में चाय पर चर्चा भी हो चुकी है, लेकिन नतीजा सिफिर रहा है। दोनों के बीच रस्साकसी के चलते 38 सालों के भाजपा के इतिहास में प्रदेश में पहलीबार लम्बे समय से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी खाली बनी हुई है। प्रदेश की मुख्यमंत्री चाहती हैं कि उनकी पसंद का प्रदेश अध्यक्ष बने, क्यों कि दिसम्बर में प्रदेश में बिधानसभा चुनाव होने हैं। चूंकि टिकट बंटवारे में अध्यक्ष की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में थोडी सी गडबड बसुन्धरा राजे को हाशिए पर ढकेल सकती है।
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फैक्ट फाइल
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भाजपा का गठन- 1980
राजस्थान में अब तक प्रदेश अध्यक्ष रहे- 16
पहले प्रदेश अध्यक्ष थे – भंवरलाल शर्मा
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने 16 अप्रेल को दिया था इस्तीफा






