आशाराम को जोधपुर की अदालत ने दोषी करार दिया

– बाबा को सुनाई उम्र कैद की सजा, अन्य को 20-20 साल की मिली कैद


भरत लाल गोयल, पीडीयू समाचार
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राजस्थान के जोधपुर अदालत में सुवह से ही गहमागहमी और हलचल रही। सुरक्षा के मददेनजर चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात था। कहीं कोई बवाल न हो जाएग। इसके लिए कोर्ट भी एतिहात बरत रहा था।
मुख्य न्यायाधीश मधुसूदन ने आशाराम को नाबालिग के साथ बलात्कार का आरोपी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके अन्य आरोपियों को साठ साठ हजार जुर्माने के साथ बीस बीस साल की सजा सुनाई गई है।
जोधपुर की जेल में साढे चार साल से कैद बाबा आशाराम ने बार बार जमानत के लिए याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने हर बार याचिका को खारिज किया था। बुधवार को सजा का मुकम्मल दिन आया तो आशाराम के शिष्यों में हलचल और बेचैनी पैदा हो गई। सुवह से ही हजारों लोगों का हुजूम कोर्ट के बाहर जमा हो गया। कहीं राम रहीम जैसी स्थिति जोधपुर में न हो, इसके लिए प्रशासन ने सख्त सरुक्षा व्यवस्था को अंजाम दिया था। दोपहर के बाद सजा का फैसला आया। बाबा आशाराम को शाहजहांपुर की नाबालिक लडकी के साथ बलात्कार का आरोपी पाया और उम्र कैद की सजा सुना दी। इस कार्य में सहयोग करने वाले अन्य अभियुक्तों को बीस बीस साल की सजा के साथ 60-60 हजार के जुर्माने के साथ दो बर्ष की सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई है। बता दें कि
15 अगस्त 2013 को यूपी के शाहजहां पुर की रहने वाली एक नाबालिग लडकी ने बाबा आशाराम पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए दिल्ली के कमलानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट में उसने लिखा था िकवह बाबा के मप्र के छिंडबाडा आश्रम में पढती थी। एक दिन तबियत खराब हुई तो बाबा उसे जोधुपर आश्रम में लेकर आया। यहां मलाई गुफा में उसके साथ बलात्कार किया गया। बिद्वान न्यायाधीश मधुसूदन दत्त ने आरोपियों को सजा सुनाई।

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