उप्र सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 में ली गई टैट की परीक्षा गले की फांस बन सकती है। हालांकि हाईकोर्ट ने दो प्रश्नों को डिलीट योग्य माना है और दो अंक अभ्यर्थियों को बोनस मिलेंगे। लेकिन अभ्यर्थी इससे कदापि संतुष्ट नहीं है।
प्रदेश टैट-2017 के अभ्यर्थियों ने 13 प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट का दरबाजा खटखटाया था। अभ्यर्थियों का कहना था कि 13 प्रश्नों के उत्तर गलत माने गए हैं। जब कि उनके जबाव किताबों में अलग हैं। कोर्ट ने बिशेषज्ञ कमेटी की सिफारिश के बाद दो ही प्रश्नों को गलत पाया है। दो प्रश्नों केा डिलीट करने के आदेश सरकार को किए हैं और उनके एवज में बोनस अंक अभ्यर्थियों को देने को कहा है। लेकिन अभ्यर्थी हाईकोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं है। पांच और प्रश्न विवाद का बिषय बने हुए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने टैट का सिलेबस जारी किया था। सिलेबस बाइज पेपर न बनाकर आउट आफ सिलेबस पेपर दिया गया है। पेपर में अनसीन पैसेज भी आई थी। जबकि सिलेबस में इसका कोई जिक्र नहीं था। इसके अलावा हिन्दी के पन्द्रह प्रश्न सिलेबस के हिसाब से आने चाहिए थे। मात्र पांच छह प्रश्न ही पेपर में दिए गए थे। माना जा रहा है कि अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट का दरबाजा खटखटा सकते हैं। इससे 68500 अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के लटकने की उम्मीद जताई जा रही है।






