राजस्थान में दलितों से घबरा गई भाजपा सरकार

– लिपिकीय संवर्ग परीक्षा में एससी व एसटी को मिलेगी 5 प्रतिशत अंकों की छूट
– सरकार ने जारी किया आदेश, 12 हजार पदों पर निकली हैं ग्रेड-2 की भर्ती
भरत लाल गोयल, सीनियर एडीटर पीडयू समाचार


दलितों के भारतबंद के आहवान के बाद केन्द्र के साथ राज्यसरकारें भी घबराई नजर आ रही हैं। इस घबराहट के पीछे चुनावी लब्बोलुआब भी माना जा रहा है।
राजस्थान में पिछले सप्ताह अधीनस्थ मंत्रालियक चयन बोर्ड द्वारा राजस्थान लोकसेवा आयोग व सचिवालयों हेतु 12 हजार लिपिक ग्रेड-2 की भर्तियां बेरोजगार युवाओं के लिए निकाली गई हैं। पदो ंके लिए अनिवार्य योग्यता कम से कम 12 वीं पास रखी गई है, साथ ही कम्प्यूटर में डिप्लोमा भी । 10 जून तक आवेदन मांगे गए हैं। पदो ंके विवरण और बिज्ञापन प्रकाशन के समय एससी और एसटी युवाओं को अंकों में छूट देने संबंधी कोई प्राबधान शामिल नहीं था। लेकिन बाद में सरकार ने राजस्थान सचिवालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम, राजस्थान लोकसेवा आयोग नियम तथा विनियम और राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिक वर्गीय सेवा नियमों में संशोधन कर दिया। इसके तहत एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रदेश में होने वाली लिपिकीय भर्ती परीक्षा में अंकों की छूट का लाभ मिलना प्रारम्भ हो जाएगा। वर्तमान में चल रही लिपिकीय भर्ती में भी सरकार पांच अंकों की छूट का लाभ दलितों को देगी। इसके तहत भर्ती प्रक्रिया में होने वाली दो चरणों की परीक्षा में हर चरण में यह छूूट जारी रहेगी। यानी फेज वन में 40 फीसदी अंक अनिवार्य किए गए हैं, वहीं दलितों को इसमें पांच फीसदी छूट प्राप्त होगी। द्वितीय फेज की परीक्षा में 36 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं तो इसमें भी उतने ही अंकों की छूट का लाभ इनको प्रदान किया जाएगा। बता दें कि भाजपा सरकार पर दलित उत्पीडन का आरोप लगता आ रहा है। चुनाव के मददेनजर भाजपा दलितों की नाराजगी दूर करने में कोई कोर कसर नहीं छोडना चाहती है।

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