खास रिपोर्ट- पी डी यू समाचार
भरत लाल गोयल, सीनियर एडीटर उप्र
भाजपा शासन में डिजीटल योजना के नाम पर डाकघरों में घोटाले की बू झलक रही है। सूचना के अधिकार के तहत सरकार द्वारा प्रदान की गई जानकारी से इस खेल से पर्दा हटा है।
केन्द्र सरकार द्वा
रा ग्रामीण डाकघरों को डिजीटल बनाने के लिए आरआईसीटी योजना के तहत सोलर पैनल और हैंडहेल्ड मशीन( 3जी )से सुसज्जित किया जा रहा है। इस मशीन की कीमत चंडीगढ के श्रीकांत बशिष्ठ द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में संचार मंचालय द्वारा इसकी कीमत 17000 रूपए बताई गई है। जब कि बाजार में इससे बेहतर मशीन पचास हजार में उपलब्ध है। वह भी 4जी पीढी की। अब आम जनमानस में यह सवाल उठ गया है कि सरकार को इतने महंगे रेट में सोलर पैनल और हैंड हेल्ड की डाकघरों में लगाने की क्या आवश्यकता थी। फिर लगाए जा रहे हैं तो इनको बाजार रेट पर क्यों नहीं लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार को डाकघरों को डिजीटल ही बनाना है तो उनको लैपटाप भी प्रदान किए जा सकते हैं। जिनकी कीमत बाजार में बीस हजार से पच्चीस हजार है। सूत्रों की मानें तो संचार मंत्रालय की इस योजना में खुलकर घोटाले की बू आ रही है। सरकार पूरे मामले पर पर्दा डालने में लगी है। सूत्रों के अनुसार सरकार द्वारा दर्शाए रेट से सोलर पैनल और मशीन खरीदने से देश को 20300 करोड का चूना लगेगा। बहरहाल सोशल एक्टिविस्ट इस मामले को आगे ले जाने लिए कमर कसे हुए है। कांग्रेस जल्द इस घोटाले को जनता के सामने लाने के लिए प्रयास में लग गई है।






