मथुरा. फरह मैं चक्रवाती आंधी में ढहा मकान, तीन बच्चों की मौत परिधि समाचार ब्यूरो विजय सिंघल मथुरा के फरह के गांव झुड़ावई में एक मजदूर पर आंधी कहर बनकर टूटी। चक्रवाती आंधी में मकान ढहने से उसके नीचे दबकर दो मजदूर भाइयों के तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों भाई पत्नियों के साथ किसानों के खेत में फसल काटने गए थे। तमाम लोग चुटैल हो गए। वहीं अन्य घटना में गांव में ही टंकी ढहने से वृद्धा गंभीर घायल हो गईं। इलाज के दौरान आगरा में उन्होंने दम तोड़ दिया। फरह के गांव झुड़ावई गांव निवासी महेश व नरेश पुत्रगण सुखवीर अपने पूरे परिवार समेत बुधवार को किसानों के खते में मजदूरी करने गए थे। दोनों भाइयों के तीन बच्चे घर पर अकेले थे। देर शाम करीब 7 बजे जैसे ही आंधी आई तो बच्चे एक कमरे में अंदर बंद होकर बैठ गए। इस कमरे के सामने टिनशेड भी पड़ा था। तेज आंधी में पहले टिन उड़ गई और फिर पूरा मकान ढह गया। इसके चलते कमरे में बैठे तीनों बच्चे उसके नीचे दब गए। मकान ढहने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोगों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने मलबे से बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों में करन (7) व विशाखा (3) महेश के और नट्टू (4) साल नरेश का बेटा था। आर्थिक स्थिति बहुत खराबगांव में रहकर दोनों भाई मेहनत-मजदूरी करके जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रहे हैं। उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी। प्रकृति के कोप में उनकी दुनिया उजड़ गई। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पानी की टंकी गिरने से वृद्धा की मौत थाना क्षेत्र के गांव झुड़ावई गांव में ही आंधी से एक मकान की छत पर रखी 500 लीटर पानी की टंकी टिनशेड के ऊपर आकर भरभरा कर गिर गई। टिनशेड के नीचे वृद्धा रेशम पत्नी अमर सिंह चारपाई पर बैठी थी। वह गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय चिकित्सकों ने हालत नाजुक हालत में उसे आगरा रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चार घायल गांव झुड़ावई में आंधी और तेज बारिश से रवि घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए भरतपुर भेजा गया है। वहीं बुग्गी पलटने से होलू की कमर टूट गई। और दीवार ढहने से रामेश्वर का पैर टूट गया। अन्य घटना में रमावती भी घायल हो गईं। जिन्हें इलाज के लिए आगरा भेजा गया है। तूफान ने मचाई तबाही बुधवार देर शाम आए तूफान ने भारी तबाही मचाई। किसानों की फसल तो बर्बाद हुई ही, तमाम पेड़ गिर गए। किसी के टिन-टप्पर गिर गए तो कई लोग चोटिल भी हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि आंधी नहीं, एक तरह से चक्रवाती तूफान लग रहा था