मथुरा।
देवेन्द्र गोस्वामी
(PDU samachar)हत्या कांड में रंगा-बिल्ला, नीरज को आजीवन कारावास एक एक लाख रुपये के आर्थिक दंड भी सुनाया गया है हत्याकांड की पैरवी को जाते मृतक के भाई भोले बाबा की भी कर दी गई थी हत्या 15 मई 2012 को सर्राफ डबल मर्डर कांड में भी हैं आरोपी मामल के एक हत्यारोपी विजय की हत्या हो चुकी है कोर्ट ट्रायल के दौरान बालस्वरूप की जैल में मौत हो चुकी है
मथुरा शहर में दहशत का पर्याय बन चुके रंगा बिल्ला और नीरज को भोलश्वर नाथ हत्याकांड में एडीजे त्रतीय अमर पाल सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। भोलेबाबा की हत्या 21 दिसम्बर 2012 को घर से बुला कर गोली मार दी गई थी। जिसमें पांच आरोपी थी बालस्वरूप चतुर्वेदी एवं विजय चतुर्वेदी पुत्रगण कृष्ण गोपाल चतुर्वेदी, नीरज उर्फ चीनी व मुकेश उर्फ बिल्ला तथा राकेश उर्फ रंगा पुत्रगण बालस्वरूप निवासी रतनकुंड सोने का गलश चौबियापाड़ा थाना कोतवाली मथुरा को आरोपी बनाया गया था। 21 दिसम्बर 2012 को रतन कुंड पर अपने मकान के चबूतरे पर तुलसीदास उर्फ तोलेबाबा और उनके पुत्र कुलदीप ठंडाई छानने बैठे थे। इसी समय तोले बाबा के भाई भूलेश्वर पुत्र वासुदेश चतुर्वेदी निवासी गजापाइसा उनके पास पहुंचे तभी गोली मारकर भोलेश्वर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। तोले बाबा ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी। इस हत्याकांड के करीब डेढ़ साल बाद तोले बाबा की इसी मुकदमे में गवाही देने जाते समय सहकारी बैंक डैम्पीयर नगर के पास इन्हीं लोगों के द्वारा हत्या कर दी गई थी। राकेश उर्फ रंगा पर कोतवाली मथुरा तथा अन्य शहरों में 17 मामले दर्ज हैं, नीरज के खिलाफ 9 तथा मुकेश के खिलाफ सात मामले दर्ज हैं। 15 मई 2012 को सर्राफ डबल मर्डर कांड में भी हैं आरोपी हैं तीनों अभियुक्त।






