मनोज माथुर,DDU NEWS

कोसीकलां। विद्युत विभाग के डेढ दर्जन संविदा विद्युतकर्मी एक्सईएन कार्यालय के बाहर गुरूवार को पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्षन करेंगे। कर्मियों की मांग है कि पूर्व में हटाए गए 55 वर्ष से अधिक 16 विद्युत संविदा कर्मियों को बहाल किया जाए।
संविदा कर्मियों का आरोप है कि, संगठन की ओर से अधिकारियों को 6 जून 2025 को एक पत्र भेज कर्मियों को वापस कार्य पर लेने के लिए अधिकारियों को याद दिलाया था। तत्पष्चात मामले को लेकर सभी कर्मी 2 बार अधीक्षण अभियंता एवं 3 बार अधिशाषी अभियंता से मिले, लेकिन महज आष्वासन ही मिला जिससे संविदा कर्मी आक्रोषित हो गए और हडताल पर जाने का फैसला लिया, लेकिन संगठन ने बुधवार 24 सितंबर को एक बार फिर से अधिकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने फिर से दीपावली के बाद कर्मियों को वापस कार्य पर लेने का आष्वासन दे डाला। इसके बाद संगठन के आदेषानुसार गुरूवार कोसी खण्ड कार्यालय प्रांगण में सम्पूर्ण कार्य वहिष्कार कर कोसी खण्ड के समस्त पदाधिकारी व 17 बिजली घरों पर तैनात समस्त संविदा कर्मी साथी कोसी खण्ड कार्यालय पर धरना प्रदर्षन करेंगे।
ये हुआ था समझौता
संगठन के डिवीजन अध्यक्ष राजवीर सिंह, उपाध्यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि गत 30 अप्रैल 2025 को उ.प्र. पावर कारपोषन संविदा/निविदा कर्मचारी संघ एवं अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम मथुरा के बीच समझौता हुआ था कि पूर्व में हटाए गए 55 वर्ष के कर्मचारी को वापस लिया जाएगा और उसे पोल का कार्य न देकर हैल्पर का कार्य दिया जाएगा। परिचालक हैल्पर के नाम से लंबित समय से कार्ररत किसी भी संविदा कर्मी को नहीं हटाया जाएगा, लेकिन समय से कार्य करने वाले हैल्परों को ही हटाया गया जवकि नए कर्मियों को नहीं। वायोमैट्रिक फेषियल अटैंडेंस के लिए प्रत्येक केन्द्र पर अलग से मोबाइल की व्यवस्था की जाए अथवा पंचिग मषीन स्थापित करायी जाएगी।
कौन होगा जिम्मेदार, हो रही चर्चा
संविदा कर्मियांे के हडताल पर जाने की सूचना से नगर में तरह तरह की चर्चाऐं है। लोगों का कहना है कि संविदा कर्मियों के हडताल पर जाने के बाद यदि षहर की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, क्योकि इस समय शहर में एतिहासिक श्री राम भरतमिलाप मेले का आयोजन होना है और गुरूवार को ही रात में श्रीराम की बारात भी निकलेगी।
बोले एसडीओ विभागीय एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसे किसी मामले की सूचना मिलती है तो उपभोक्ताओं के हित में कर्मचारियों से बार्ता की जाएगी और कोषिष की जाएगी कि संविदा कर्मी हडताल पर न जाऐं।
————————————






