साइबर सेल ने दो अपराधियों को पकड़ा, आधार कार्ड और कुछ नकदी बरामद
आरोपितों ने मुख्य सरगना का नाम बताया खाते में 20 करोड़ का क्रेडिट

मथुरा।साइबर सेल ने गो सेवा ट्रस्ट की आड़ में काले धन को कमीशन लेकर सफेद बनाने का खेल करने वाले दो अपराधियों को पकड़ा है। दोनों के कब्जे से आधार कार्ड और नकदी बरामद हुई है। अब साइबर सेल मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है। मामले में साइबर सेल की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
साइबर सेल के उप निरीक्षक राजकुमार पंवार अपने साथी उपरीक्षक उत्तम सिंह भडाना, मुख्य आरक्षी अनूप कुमार, देवेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह के साथ सरकारी जीप से साइबर अपराधी की तलाश में जुटे थे।
अपराधियों की तलाश में निकली साइबर सेल टीम को बाद पुल के पास मुखबिर ने बताया कि शिव गोरा गो सेवा ट्रस्ट मथुरा के नाम से भारतीय स्टेट बैंक में खाता खोलकर विभिन्न माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग आसपास सक्रिय है, गैंग में शामिल गौतम उपाध्याय साथी के साथ मौजूद है। इस सूचना पर साइबर सेल टीम बाद कट के बरेली एक्सप्रेस के पास पहुंची तो बरेली एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़े दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। पूछताछ पर एक व्यक्ति ने अपना नाम गौतम उपाध्याय पुत्र उमाशंकर उपाध्याय लक्ष्मीपुरम कॉलोनी नवादा अडूकी थाना हाईवे और दूसरे ने बलदेव पुत्र दलबीर सिंह निवासी नगला बेड थाना बलदेव मथुरा बताया। दोनों के कब्जे से मोबाइल आधार कार्ड और कुछ नकदी बरामद हुई है। गौतम उपाध्याय की जेब से मिले आधार कार्ड पर शीतल उपाध्याय पुत्र हरिशंकर सुंदरवन बालाजीपुरम मथुरा बरामद हुआ, जबकि दूसरे कि जब से मिले आधार कार्ड पर हरदेव पुत्र सोमवीर सिंह सुंदरबन बालाजीपुरम का पता अंकित मिला।
दोनों ने बताया कि जनता को धोखा देने के लिए हम नकली आधार कार्ड का उपयोग करते हैं।
–
गैंग का सरगना है अभिषेक चौधरी
साइबर सेल द्वारा पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि गैंग का मुख्य सरगना अभिषेक चौधरी उर्फ पी के पुत्र जगबीर सिंह निवासी ओंकारेश्वर कॉलोनी थाना रिफाइनरी है, उसने साइबर फ्रॉड का पैसा मांगने के लिए और धन कमाने के लिए करंट अकाउंट से गोरा को ट्रस्ट के नाम से खोलने के लिए बताया था। जिस पर हम दोनों ने भारतीय स्टेट बैंक केंद्र शाखा में यह खाता 7 अगस्त को खुलवाया, खाते में चार मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड किए गए हैं।खाता खुलवाने के लिए आवश्यक उर्फ पीके भी साथ गया था
मिलता था 30 प्रतिशत कमीशन
पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि ट्रस्ट वाले खाते में धनराशि आने के बदले हम चारों गौतम उपाध्यक्ष, बलदेव, गोविंदा और शिवम को 30 प्रतिशत कमीशन मिलता था। कमीशन की सारी धनराशि खर्च कर ली है। छह सितंबर को इस खाते में रोक लग जाने की जानकारी हमको बैंक से मिली थी। इस पर सरगना ने बताया कि शाम तक खाता चालू हो जाएगा, लेकिन खाता चालू नहीं हुआ ।
खाते में 20 करोड़ की धनराशि क्रेडिट
पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि ट्रस्ट के खाते में 20 करोड रुपये की धनराशि क्रेडिट है, जिस पर बैंक ने रोक लगा दी है। साइबर सैलरी पकड़े गए अपराधियों को जेल भेजा है।






