आगरा:DDU NEWS
अमित उपाध्याय
नीलकंठ महादेव मंदिर के मठ के जुड़ी भूमि में निवास कर रहे मंदिर मठ के महंत परिवार के निजी भूमि में कई दशक पूर्व बने छज्जे को सार्वजनिक बताकर प्रशासन को गुमराह कर रहा पड़ोसी दुकानदार ।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घटिया आजम खां सिटी स्टेशन रोड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के मठ से जुड़ी भूमि में निवास कर रहे मठ के महंत परिवार के उपेंद्र पुरी गोस्वामी का परिवार निवास कर रहा है । बीते कुछ सालों से उनके पड़ोसी दुकानदार राधेश्याम राठौड़ ने उनके पुस्तैनी भूमि में बने छज्जे को सार्वजनिक बताकर नगर निगम अधिकारियों को गुमराह करना एवं अपने धन-बल और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री के आवास के तथाकथित कर्मी सोनू डोगरा के द्वारा निगम के अधिकारियों पर जबरन दबाव बनाने के चलते बिना किसी जांच निगम द्वारा उनके मकान पर बने छज्जे को गिराने का प्रयास किया । इस प्रकरण पर उपेंद्र पुरी गोस्वामी द्वारा जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त से भेंट कर प्राचीन काल से लेकर आज तक की उर्दू से हिंदी में ट्रांसलेट कराए गए 1849 की पत्रावली प्रस्तुत की जिसमें उक्त संपत्ति में बना छज्जा लगभग दो सौ साल पुरानी पत्रावली में साफ़ तौर पर दर्शाया गया है। पीड़ित पक्ष ने राधेश्याम राठौर एवं अपने आपको को कैबिनेट मंत्री के आवास का व्यवस्था प्रमुख बताने वाले सोनू डोगरा पर जानबूझ कर षड्यंत्र के तहत उन्हें परेशान करने और मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। नगर निगम का बुलडोज़र तीन बार भेजकर उनके वैध निर्माण को तोड़ने की कोशिश की गई । उपेंद्र पुरी का यह भी आरोप है कि राधेश्याम और उसके बेटे दबाव बनाकर उनकी भूमि को कब्ज़ा करने और झूठा विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।
राधेश्याम राठौर एवं उसके पुत्रों के पर आक्रोश प्रकट करते हुए स्थानीय निवासी दिनेश शर्मा, सौनू शर्मा, आकाश राठौर, यतीस राठौर, राजेन्द्र गुप्ता, नरेश गोस्वामी, कपिल गुप्ता, संजय शर्मा, सनी शर्मा, सीमा राठौर, अमर राठौर, नितिन चौहान, विनोद शर्मा, राजेन्द्र शर्मा आदि ने राधेश्याम राठौर एवं उसके पुत्रों के कुकृत्यों के बारे में बताया कि इनके द्वारा सभी स्थानीय निवासियों से किसी ना किसी विषय पर झगड़ना व झूठी शिकायतें करना रोजमर्रा का कार्य है यह परिवार पूर्ण रूप से असामाजिक है । इस प्रकार के असामाजिक तत्वों एवं मंत्री के तथाकथित कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही अपेक्षित है ।






