फरह:सरकारी जमीन में बैनामा,जबरन हिस्सेदारी कस्बा और आसपास चल रहा सरकारी जमीनों को हड़पने का खेल

सहकारी संघ की जमीन का बंटवारा, लोगों में हो रही है चर्चा


फरहःDDU न्यूज
कस्बा और आसपास सरकारी जमीनों को हड़पने का खेल चल रहा है। दान में दी गई जमीन के अलावा अन्य सरकारी जमीनों को कथित बैनामा के नाम पर कब्जाया जा रहा है। अब सहकारी संघ की जमीन का बंटवारा लोगों में चर्चा बन गया है। कथित बैनामा के नाम पर जमीन पर कब्जा जताने वाले को अब कई लाख की जमीन सौंप दी गई है। मामला संज्ञान में आने के बाद सहकारिता विभाग के अधिकारी जमीन पर काम बंद होने की बात कह रहे हैं।
कस्बा में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सहकारी संघ स्थापित है, जहां से किसानों को खाद- बीज उपलब्ध कराया जाता है। इस सहकारी संघ के लिए कस्बा निवासी जमींदार लक्ष्मीनारायण मित्तल ने वर्ष 1960-61 में जमीन दान की थी। जमींदार परिवार का कहना है कि उनके बाबा ने करीब पौने तीन एकड़ जमीन दान की थी, जिसमें सहकारी संघ का भवन और रोडवेज बस स्टैंड बना है।
सहकारी संघ से जुड़े जानकारों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चार लेन काम के दौरान सहकारी संघ और बस स्टैंड की चारदीवारी तोड़ी गई तो सरकारी जमीन कब्जाने वाले सक्रिय हो गए। करीब 15 साल पहले सहकारी संघ के एक हिस्से की जमीन को अपना बताकर एक व्यक्ति ने दावा ठोंक दिया। संघ से जुड़े लोगों ने इसका जमकर विरोध किया और जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया। इसके बाद मामला कानूनी दांवपेंच में फंस गया।
बताते हैं कि किसी मुस्लिम की ओर से किए गए बैनामे के आधार पर कानूनी कार्रवाई चलती रहीं। जमीन को अपना बताने वाले मुकदमा हारकर अपील का खेल खेलता रहा। इससे संघ कानूनी पचड़े में लगातार फंसता रहा। अब बुधवार को इस मामले में क्षेत्रीय लोगों ने सहकारी संघ बोर्ड और कथित बैनामा वाले व्यक्ति के बीच जमीन बंटवारे के आधार पर सुलहनामा करा दिया है। इसके बाद गुरुवार से बैनामा दिखाने वाले ने निर्माण काम भी कराना शुरु कर दिया।

जमीन सहकारिता विभाग को दान में मिली थी। मामला अभी संज्ञान में आया है। आपस में बोर्ड और बैनामा दर्शाने वाले का समझौता हुआ है। एसडीएम से इस बारे में बात हुई है। फिलहाल काम रुकवा दिया गया है।” -विवेक कौशल, सहायक निबंधन सहकारिता।

 

 

 

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