– पिछले आठ साल से चल रहा है आंकिक पर किसानों की धनराशि के गबन किये जाने का मामला
– एक बार फिर किसानों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है
PDU samachar

मथुरा। एक बार फिर से क्षेत्रीय सहकारी समिति सहार विवादों के घेरे में हैं। किसानों की धनराशि को हड़पने के मामले में जेल जा चुके आंकिक को एक बार फिर से रखे जाने को लेकर किसानों ने विरोध किया है। जिलाधिकारी को भेजे गये शिकायती पत्र में मजबूरी में अनशन पर बैठने को कहा है। जिलाधिकारी को भेजे गये शिकायती पत्र में किसानों ने बताया कि आंकिक ब्रजकिशोर पर वर्ष 2011 में करीब 14 लाख के गबन में थाना बरसाना में मुकदमा दर्ज हुआ। धनराशि व गबन का मुकदमा दर्ज होने के बाद राजनैतिक दबाब में नौकरी पर रखे जाने के बाद दोबारा करीब तीन लाख रूपये का गबन कर लिया गया। जिसमें जिला सहायक निबंधक द्वारा जांच मथुरा द्वारा की गई। इसके बाद करीब दो लाख का गबन किया गया। वर्ष 2014 में करीब एक लाख का अपहरण किया गया। वर्ष 2019 में करीब करीब 71 हजार रूपये का गबन कर लिया गया। किसानों ने अपर जिला सहकारी अधिकारी से शिकायत की तो उक्त प्रकरण में जेल भी जाना पड़ा। कई बार अधिकारियों ने माना कि आंकिक द्वारा गबन किया गया। ग्रामीणों ने पूरी जांच आख्या की रिपोर्ट सूचना के अधिकार के अधिनियम से मंगवा ली। एक बार फिर से आरोपी आंकिक को हटना पड़ गया। लेकिन कई बार प्रस्ताव पास करके रखे जाने के बाद किसान बार-बार अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उक्त आंकिक नहीं रखा जाये। जिलाधिकारी को भेजे शिकायतीपत्र में प्रहलाद शर्मा, हरीशंकर, रामकिशन शर्मा, चेतराम, धनीराम, सत्यदेव, बलराम, हरदयाल शर्मा, सियाराम शर्मा, राजाराम, छीतर प्रसाद, जगदीश शिवराम आदि ने किसानों के साथ धोखाधड़ी होने की बात कही है।
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