MATHURA – झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध पैथोलॉजी की जानकारी देने से कतरा रहा स्वास्थ्य विभाग

– दो माह बाद भी आरटीआई का नहीं दिया जवाव

भरत लाल गोयल, पीड़ियू समाचार


मथुरा । जनपद में फल फूल रहे झोलाछाप चिकित्सकों और मनमानी रिपोर्ट दे रही अवैध पैथोलॉजी पर चिकित्सा विभाग लंबे समय से मेहरबान चल रहा है। एक आरटीआई में चिकित्सा विभाग झोलाछाप चिकित्सकों, अवैध पैथोलॉजी पर की गई कार्यवाही एवं नर्सिंग होम के मानकों पर मांगी गई जानकारी पर जवाब देने से कतरा रहा है। पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह तोमर ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से आरटीआई के माध्यम से झोलाछाप चिकित्सकों, अवैध पैथोलॉजी पर की गई कार्यवाहियों और नर्सिंग होम/हॉस्पिटल के पंजीकरण के निर्धारित मानकों की जानकारी मांगी तो उन्हें दो माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी आरटीआई का जवाब नहीं दिया गया है।
पूर्व बार अध्यक्ष विजयपाल सिंह तोमर ने पहली आरटीआई 19 जून को भेजी थी। एक माह बीतने के बाद 20 जुलाई को दूसरी आरटीआई दाखिल की गई। पूर्व बार अध्यक्ष ने कुल 24 बिंदुओं पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से जनसूचना मांगी है। जिनमें नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलॉजी और फिजियोथेरेपी सेंटर विभाग में पंजीकृत डाटा, नर्सिंग होम/हॉस्पिटल संचालन के लिए कम से कम कितने चिकित्सक, कितना पैरामेडिकल स्टाफ, उनकी योग्यता, अपंजीकृत पैथोलॉजी आदि का विवरण मांगा गया है | जनपद में कितने झोलाछाप चिकित्सक कार्य कर रहे हैं। कितने चिकित्सकों को नोटिस जारी किए गए हैं। कितनों के खिलाफ कार्यवाही की गई है कितनों के क्लीनिक सीज किए गए एवं कितनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। सीज क्लीनिकों में कितने क्लीनिक फिर से खुल गए। कार्यालय में झोलाछाप चिकित्सक का काम देख रहे नोडल अधिकारी एवं पटल सहायक का नाम एवं कितने वर्ष से काम देख रहे हैं। अवैध पैथोलॉजी आदि के संबंध में भी जानकारी मांगी है। पूर्व बार अध्यक्ष विजयपाल सिंह तोमर द्वारा 24 बिंदुओं पर मांगी गई जनसूचना से खलबली मच गई है। विजयपाल सिंह तोमर ने बताया कि दो बार आरटीआई भेजने के बाद अभी तक जवाब नहीं मिल सका है। लगभग 2 माह बीत चले हैं। उन्हांने इस संबंध में मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया है| सीएमओ ने आरटीआई का शीघ्र जवाब दिए जाने का आश्वासन दिया है।
*फरह में भी चल रहा अवैध पैथोलॉजी का गोरखधंधा* फरह में भी अवैध पैथोलॉजी का गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है | कस्बे में दो तीन पैथोलॉजी अवैध रूप से संचालित है | झोलाछाप डॉक्टरों का इन लैब पर सीधा कमिशन सेट है | जब भी कोई मरीज इन तथाकथित डॉक्टरों के पास पहुंचता है तो सबसे पहले ये पांच छह सौ रुपए की मरीज की जांच लिख देते हैं | भले ही उसकी बीमारी जांच लाइक हो अथवा नहीं | इन लैबों पर हर डॉक्टर का नाम दर्ज रहता है कि जांच किस डॉक्टर के यहां से आई है | शाम को या सप्ताह के अंत तक डॉक्टर का जो भी कमिशन बन रहा होता है, उसे पहुंचा दिया जाता है | जबकि कई बार आगरा – मथुरा की लैबों में यहां की जांच रिपोर्ट फर्जी साबित हुई है | दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी डॉ रामवीर सिंह का कहना है कि अभी तक न तो झोलाछाप डॉक्टरों न ऎसी पैथोलॉजी की कोई शिकायत उनको प्राप्त नहीं हुई है | शिकायत मिलने पर कार्यवाही निश्चित है |

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