हरेकृष्ण गोयल
मांट।राजकीय महाविद्यालय में नवागंतुक छात्र-छात्राओं के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन प्राचार्या डा. मीनाक्षी वाजपेयी तथा वरिष्ठ प्राध्यापकों ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

डाॅ. मुक्ता चतुर्वेदी के निर्देशन में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वन्दना के पश्चात् छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए डा. सुरेन्द्र सिंह ने विज्ञान संकाय का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने कहा कि प्राध्यापकों पर अध्यापन के अतिरिक्त उत्तरदायित्व के बावजूद वे शिक्षण कार्य में सदैव तत्पर रहते हैं, लेकिन कक्षाओं के कुशल संचालन के लिए विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य है। डाॅ. जीत सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल मेधावी विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए नहीं होते, यहाँ कमजोर विद्यार्थी भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। डाॅ. अरुण कुमार ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सौभाग्यशाली हैं कि आपको मथुरा जनपद के एकमात्र राजकीय महाविद्यालय में पढ़ने का अवसर मिला है। डाॅ. चन्द्रशेखर दिवाकर ने उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। डाॅ. सुमित चन्द्र ने कुंजियों की अपेक्षा सन्दर्भ ग्रन्थों के अध्ययन को महत्वपूर्ण बताया। डाॅ. राजेश कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि विद्यार्थी को पाठ्यक्रम और पाठ्यसहगामी क्रिया कलापों में संतुलन बनाकर चलना चाहिए क्योंकि पहला जीविकोपार्जन के लिए उपयोगी है तो दूसरा संतुलित व्यक्तित्व विकास के लिए अनिवार्य। डाॅ. सत्येन्द्र सिंह ने अपने विषय शिक्षाशस्त्र का परिचय देते हुए बताया कि इस विषय का अध्ययन करने वाले विद्यार्थी को बी.एड्. तथा बी.टी.सी. में विशेष लाभ होता है क्योंकि इनका पाठ्यक्रम लगभग समान है। डाॅ. नेत्रपाल सिंह, डाॅ. विक्रान्त सिंह डाॅ. दीन दयाल, डाॅ. नीलम कुरील, डाॅ. प्रिया मित्तल, डाॅ. मुक्ता चतुर्वेदी सहित तमाम प्राध्यापकों ने कक्षा में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर बल दिया तथा।

प्राचार्य डाॅ. वाजपेयी ने अभिविन्यास कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय देते हुए उसके महत्व पर चर्चा की तथा महाविद्यालय में शिक्षण एवं शिक्षणेतर गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनकी रचनात्मकता एवं उनकी प्रश्नाकुलता को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डाॅ. प्रिया अनिल मित्तल ने किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नवागंतुक एवं वरिष्ठ छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।






