हरेकृष्ण गोयल
-लम्बे समय से डायलेसिस पर था

मांट।सुरीर क्षेत्र के गांव हरनौल में मंगलवार रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। वुधवार सुबह मृतक का शव यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे पड़ा मिला। इलाका पुलिस हत्या के खुलासे के लिए दोस्त एवं परिजनों से पूछताछ करने में लगी हुई है। उसके पिता पप्पू की चार माह पहले संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। मां पहले ही चल बसी थी। एक बहन है जिसकी शादी हो चुकी है। मंगलवार शाम पंकज मोपेड लेकर किसी से मिलने के लिए घर से गया था। देर रात तक न लौटने पर घर में आई बहन निर्मला ने उसे फोन किया लेकिन रिसीब नहीं हुआ। बुधवार सुबह गांव के समीप यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे उसका लहूलुहान शव पड़ा मिला। सिर, छाती एवं पैरों में गोली के निशान दिख रहे थे। इंस्पेक्टर अनूप सरोज पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए और मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सीओ महावन विजय शंकर मिश्र ने भी मौका मुआयना कर पुलिस को हत्या के जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। हत्या के पीछे मृतक की जायदाद का विवाद सामने आ रहा है। पुलिस मृतक के दोस्त एवं परिजन समेत कुछ लोगों से पूछताछ कर हत्या के खुलासे में जुटी हुई है। घटना की रिपोर्ट मृतक की बहन मीरा उर्फ निर्मला निवासी कीरतपुर थाना खैर ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर अनूप सरोज का कहना है कि मृतक से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही हत्या का खुलासा हो जाएगा। लम्बे समय से था डायलेसिस पर पंकज काफी समय से डायलेसिस पर चल रहा था,उसकी दोनों किडनी खराब हो चुकी थी,पिता पप्पू ने करीब एक साल पहले पंकज के इलाज के लिए करीब 10 बीघा जमीन बेची थी,वह बेटे का इलाज शुरू कराता उससे पहले पिता की मौत हो गई।करीब 18 लाख रुपया बैंक में जमा था,जो बाद में पंकज के नाम आ गया था। पंकज ने भी सोच लिया था कि उसकी जिंदगी शायद ज्यादा दिन की नहीं है,तो क्यों न जिंदगी को आराम से जिया जाए।उसने बैंक से रुपये निकाल कर बोलेरो गाड़ी खरीदी,और पिता की याद में मंदिर बनाने के लिए जमीन भी खरीदी थी। पंकज ने अपने घर को अपने दोस्त विजय को दे दिया था। जायदाद पर थी कई की नजर पंकज के हिस्सा में अभी भी कई बीघा जमीन थी,जिस पर उसके कई मिलने वाले,परिजनों व रिश्तेदारों की निगाह लगी हुई थी,कई लोग तो इंतजार में थे कि जल्द पंकज की सांसें थमें और वह जायदाद पर कब्जा करें। पंकज की सगी बुआ ने पंकज के बाबा की जायदाद में हिस्सा लेने का वाद न्यायालय में डाल रखा था।जिसमें पंकज ने एक सप्ताह पूर्व बताया था कि बुआ से राजीनामा हो गया है।
पुलिस ने हल्के में ली रिपोर्ट
मंगलवार को पंकज ने अपने ताऊ ज्वालाप्रसाद,उसके बेटों विनोद व सतीश के अलावा फूफा देवेंद्र प्रसाद के खिलाफ मारपीट व जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पर पुलिस इसमें त्वरित कार्यवाई करती तो शायद हत्या जैसी घटना को टाला जा सकता था।






