हरेकृष्ण गोयल
-नागा बाबा सम्पत्ति विवाद

मांट। सर्वेश्वर नाराय ण अनाथ गौशाला के संस्थापक दिगम्बर नागा बाबा के गौलोक वासी होने के बाद से गोशाला पर कब्जे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।वुधवार को थाना पुलिस ने शम्भू पंचायती दसनामी अटल अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुद्रगिरी महाराज समेत दो साधुओं को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। 7 फरवरी को लम्बी बीमारी के बाद नागा बाबा ने शरीर त्याग दिया था।पर उसी दिन से बाबा की अकूत सम्पत्ति को कब्जाने का खेल शुरू हो गया।बाबा के भंडारे के वक्त रुद्रगिरी और चरन गिरी महाराज की संयुक्त रूप से चादरपोशी की गई। पर दोनों ही पक्षों के लोग इससे सन्तुष्ट नहीं थे।दोनों ही पक्ष अकेले ही पूरी जायदाद के मालिक बनने को आतुर हैं। बताया गया है कि चरन गिरी ने अपने कार्य सम्पादित करने के लिए गौशाला में काफी समय से रह रहे गोविंद गिरी को नियुक्त कर दिया। गोविंद गिरी ने रुद्रगिरी व एक अन्य के खिलाफ फर्जी वसीयत के मामले में अदालत से रिपोर्ट दर्ज कराने की गुजारिश की,गोविंद गिरी का आरोप है कि रुद्रगिरी जिस बसीयत की बात करते हैं वह फर्जी है।प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने वुधवार को रुद्रगिरी व गोविंद गिरी को थाने बुलवाया,रुद्रगिरी ने अपना पक्ष रखते हुए बसीयत के अलावा कई अन्य कागजात पेश किए, वहीं गोविंद गिरी ने भी कागज पेश करने की बात कही।थाने में ही दोनों के मध्य विवाद हो गया। जिस पर पुलिस ने दोनों को शन्ति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में पेश किया।






