– फरह के बेसिक स्कूलों में देरी से पहुंच रहे टीचर्स
———————-
भरत लाल गोयल, पीडि़यू समाचार

फरह | फरह के बेसिक स्कूलों का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है | देरी से आना, जल्दी जाना यहां के अध्यापक और अध्यापिकाओं का शगल बन गया है | विभाग के अधिकारी मामला सन्ज्ञान में होने के बाद भी खामोशी ओढकर बैठे हैं | फरह ब्लॉक के 90 से ज्यादा प्राइमरी स्कूलों में 250 से ज्यादा अध्यापक व अध्यापिकाएं तैनात हैं | रिमोट एरिया के स्कूलों के खस्ता हाल है| ब्लॉक के परखम, मुस्तफाबाद, झूड़ावई, नगला छीतर, लुहारा, ओल आदि के बेसिक स्कूलों में ज्यादातर स्टाफ आगरा से आता है | देखा गया है कि इन अध्यापक, अध्यापिकाओं की वैन सुबह 9 से 10 बजे फरह पर पहुंचती है | ग्रामीणों का कहना है कि ये अध्यापक, अध्यापिकाएं रोजाना देरी से स्कूल पहुंचते हैं और जल्दी वहां से निकल जाते हैं | ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कई बार शिक्षा अधिकारियों को अवगत कराया गया है, किंतु परिणाम ढ़ाक के तीन पात रहे हैं | ग्रामीण संजय, बंटी, वासुदेव आदि का कहना है कि स्कूलों में टीचर्स 10 बजे तक पहुंच रहे हैं और 11 बजे वापस चल देते हैं | स्कूलों में पढ़ाई चौपट है | सिलेबस पूरा कराना तो एक ख्वाब बनकर रह गया है | झूड़ावई के स्कूल के नन्हे मुन्नों ने बताया कि उन्हें पुस्तकें ही अब तक नहीं मिली है | मैडम लेट आती हैं | वर्जन अध्यापक /अध्यापिकाओं के देरी से आने की कोई शिकायत उनको नहीं मिली है | यदि ऎसी बात है तो अधिकारियों को अवगत कराकर कार्यवाही के लिए लिखा जाएगा |
मान सिंह, एबीआरसी फरह






