MATHURA-वृंदावन में नालियों का गन्दा पानी पीने से मर रहे बंदर

– पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
-डिहाइड्रेशन भी एक वजह मानी जा रही
भरत लाल गोयल, पीडि़यू समाचार

मथुरा | पिछले एक पखवाड़े से वृंदावन में लगातार मर रहे बंदर धार्मिक नगरी में तमाम सवाल छोड़ गए हैं | स्थानीय लोगों ने तो जहर देकर मारने का आरोप लगाया था | वृन्दावन निवासी दीपक पाराशर ने वन विभाग को शिकायत कर मामले से अवगत कराया। वन विभाग ने पहल करते हुए कुछ मृत बन्दरों का पोस्ट मार्टम बीते दिन कराया |
पोस्टमार्टम में मौत का कारण नाली का गन्दा पानी पीने व अत्यधिक गर्मी में डिहाइड्रेशन की समस्या निकल कर आई |
वन दरोगा ओपी शर्मा ने बताया कि 1 मई को वन विभाग के अधिकारी एस डी ओ पी के पांडे व रेंजर एम के मीणा, द्वारा वृंदावन आकर मौके पर परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। जिसमे पाया गया कि बन्दरों के लिए पानी पीने की कोई समुचित व्यवस्था नही है | दूसरी ओर बढ़ता तापमान भी इनकी मौत की एक वजह है | डॉक्टरों के अनुसार बंदरों में जिनेटिक डिसीज होती है। यह जानवर से मनुष्य और मनुष्य से जानवर में फैल जाती है। यदि मनुष्य की कोई बीमारी जानवर में गई है तो भले ही उसके लक्षण जानवर में न दिखें, लेकिन वह मनुष्य में उस बीमारी को ट्रांसफर कर देगा। इस तरह ये कैरियर का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया बंदर जानवर व इंसान दोनों के संपर्क में रहता है। इसी कारण इसमें वैक्टीरियल और वायरल से होने वाली बीमारी का खतरा रहता है।

इन बीमारियों का वाहक है बंदर
———————-
टीबी, रैबीज, हर्पिज, सिविलटेसिस, साल्मुनासिस, जियार्डिस जैसी बीमारी बंदर फैला सकते हैं। इनमें टीबी, रेबीज और हर्पिज बीमारी ज्यादा खतरनाक हैं। सिविलटेसिस बीमारी में डायरिया हो जाता है। स्टूल में ब्लड आने लगता है। इसी तरह साल्मुनासिस में पेट की बीमारी हो जाती है। जियार्डिस में गैस, उल्टी, दस्त, नौसिया और पेट दर्द होने लगता है।

डॉक्टर कहिन………………

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर डॉ दीपेंद्र कहते हैं कि पोस्टमार्टम के दौरान पाया गया कि बन्दर की मौत नालियों का गंदा पानी पीने व अत्यधिक गर्मी में डिहाइड्रेशन की वजह से हुई है। बन्दर की मृत्यु जहर के सेवन के कारण नही है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*