FARAH-10 टीचर्स और 750 छात्राएं, फिर भी रिज़ल्ट दिया टॉप

– फरह का जीजीआईसी जूझ रहा अध्यापिकाओं की कमी से

भरत लाल गोयल, पीडि़यू समाचार

फरह | सरकारी नीतियों की विसंगति के चलते सरकारी स्कूल समस्याओं से जूझ रहे हैं |फरह में एक जीजीआईसी है और दूसरा चंद कदम दूर

एडेड इंटर कॉलेज सेठ प्रेम सुख दास है| जिसमें छात्रो की संख्या 250 के आसपास है, किंतु टीचर्स 20 से ज्यादा है | लोगों का कहना है कि जीजीआईसी आदर्श इंटर कॉलेज है किन्तु सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है | कॉलेज में लेक्चरर स्तर की मात्र तीन अध्यापिकाएं हैं | एलटी ग्रेड की 7 है | मैथ टीचर की व्यवस्था कॉलेज स्तर की गई है |जबकि शासन ने पिछले साल 6 से 8 तक की भी कॉलेज को मान्यता दी है और इंटर में साइन्स की मान्यता प्रदान की | नवीन मान्यता के कारण कॉलेज में एडमिशन में एकदम इजाफा हो गया | किंतु अध्यापिकाओं की संख्या कम हो गई, क्योंकि 5 व्याख्याता अध्यापिकाएं ट्रान्सफर हो गई | उनके स्थान पर नवीन अध्यापिकाएं आज तक नहीं आई है| यद्यपि उप्रपीएससी ने पिछले साल जुलाई में एलटी ग्रेड अध्यापक भर्ती के लिए परीक्षा ली थी, भर्ती से कॉलेज को नवीन टीचर मिलने की उम्मीद थी किन्तु सरकार द्वारा आज तक उस भर्ती का परिणाम जारी नहीं किया गया है | फलत कॉलेज में पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए एलटी ग्रेड अध्यापिकाओं को सीनियर क्लासेज में लगाया गया है | एक एक अध्यापिका 8-8 कालांश पढ़ा कर अथक मेहनत को अंजाम दे रही है | ताकि समय से पाठयक्रम पूर्ण हो सके |
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कॉलेज में अध्यापिकाओं की कमी है | जबकि स्टूडेंट्स की संख्या दिन रोज बढ़ती जा रही है | मात्र 10-11 टीचर्स से काम चलाया जा रहा है |लेकिन संसाधनों के अभाव के बावजूद अध्यापिकाओं की मेहनत का नतीजा है कि बोर्ड रिजल्ट्स हर बार श्रेष्ठ रहते हैं |
– नम्रता, प्रिंसिपल जीजीआईसी फरह

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