-मतदान से जुड़े सभी अधिकारी कर्मचारी व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़े गए।
हरेकृष्ण गोयल

मांट। निर्वाचन आयोग की मंशा के बाद सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वह तत्काल व्हाट्सएप ग्रुप बना लें,एक ग्रुप में जोनल मजिस्ट्रेट व उनसे सम्बद्ध सेक्टर मजिस्ट्रेट रहेंगें,तो दूसरे ग्रुप सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाएंगे जिसमें उनके क्षेत्र के पीठासीन अधिकारी रहेंगें,ताकि सूचनाओं के आदान प्रदान में बिलंब न हो। तहसील सभागार में तहसील क्षेत्र के सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों की बैठक शनिवार को एसडीएम श्याम अवध चौहान ने ली,उन्होंने निर्वाचन आयोग के नए निर्देशों से सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मॉक पोल का प्रमाणपत्र सेक्टर मजिस्ट्रेट को लेना अनिवार्य है।उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेटों से कहा कि पोलिंग शुरू होने की सूचना तत्काल पीठासीन अधिकारी से लेकर अपने जोनल मजिस्ट्रेट के माध्यम से या सीधे उन्हें दें,ताकि उसे जिले पर भेजा जा सके। सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों से कहा गया कि वह व्हाट्सएप ग्रुप बनाए, ताकि सूचनाओं के आदान प्रदान में देरी न हो,उन्होंने कहा बची हुई मतदाता पर्चियों को सील कर वापिस भेज दिया जाए।मतदान की प्रक्रिया समझने में दिक्कत न हो इसलिए निर्वाचन आयोग द्वारा भेजी गई सहायता पुस्तिका हर परिवार में पहुंचाने का प्रयास करना होगा। एसडीएम ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों से कहा कि मतदान से पहली रात सभी अपने आवंटित क्षेत्रों में रहे,वरना की स्थिति में कोई दिक्कत होने पर वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। वहीं आपात स्थिति के लिए सभी सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों को एक एक वीवी पेट मशीनें दी जायेंगीं।

बैठक के दौरान मौजूद निर्वाचन आयोग के मास्टर ट्रेनर डॉ. दीन दयाल ने बताया कि सभी पीठासीन अधिकारियों को एक घोषणा पत्र भी भरना होगा,जिसमें वह लिखेंगे कि मतदान शांति पूर्वक हुआ है।और पहला वोट हर हाल में 7 बजे पड़ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वीवी पेट मे कोई भी त्रुटि आने पर उसके समाधान के लिए 15 मास्टर ट्रेनर तहसील में मौजूद रहेंगे। तहसील कार्यालय से दूर दराज के इलाकों में तैनात किए गए प्रत्येक जोनल मजिस्ट्रेट के साथ एक एक मास्टर ट्रेनर रहेगें।






