मथुरा। एसीजेएम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के वारूईपुर के पुलिस अधीक्षक रशीद मुनीर खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। कोर्ट ने यह कार्रवाई धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं करने पर की है। अदालत ने इसके लिए पुलिस अधीक्षक को 4 मई तक का न्यायालय के समक्ष पेश होने का समय दिया है।
पश्चिम बंगाल की आईडॉल इंडिया कार्पोरेशन में राया निवासी मंजू अग्रवाल ने करीब 10 लाख रुपये का निवेश किया था। निवेश किए गए रुपयों को जब वापस करने का समय आया तो कंपनी संचालक अपना आफिस बंद कर फरार हो गए। मंजू अग्रवाल ने कंपनी संचालक वप्पादित्य मजूमदार पुत्र नन्दू मजूमदार निवासी वैशालपारा रोड 17 पोस्ट हरीनवी थाना सोनारपुर जिला वारूईपुर 24 कोलकाता पश्चिम बंगाल व अमित कुमार दास के खिलाफ 29 सितंबर 2016 को कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कराया था। पुलिस ने नामजदों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से कोतवाली पुलिस ने अमित कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वप्पादित्य मजूमदार को पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। अमित कुमार दास को इस मामले में जमानत मिल चुकी है।
अदालत ने 24 दिसंबर 2018 व 30 जनवरी 2019 को वप्पादित्य मजूमदार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर वारूईपुर के पुलिस अधीक्षक को उसकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए। वारूईपुर के पुलिस अधीक्षक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश नहीं कर सके। बार-बार आदेशों की अवहेलना के बाद न्यायालय ने वारूईपुर के पुलिस अधीक्षक रशीद मुनीर खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा है, कि पुलिस अधीक्षक 4 मई तक पदीय या व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होकर न्यायालय के आदेशों की अवमानना का कारण स्पष्ट करें।






