FARAH-थ्री-डी तकनीकि से चित्र की गहराई भी मापी जा सकेगीः रमन

– सचदेवा इंस्टीटयूट आफ टेक्नोलाॅजी में थ्रीडी तकनीकि पर सेमीनार का हुआ आयोजन
भरत लाल गोयल, न्यूजएडीटर पीडीयू समाचार

फरह। सचदेवा इन्स्टीट्यूट आॅफ टैक्नोलाॅजी फरह में मंगलवार को थ्री-डी प्रिन्टिंग टैक्नोलाॅजी’’ सेमिनार का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता रमन सचदेवा (संस्थापक, सुपरजेट, दिल्ली) ने छात्र-छात्राओं को बताया कि थ्री-डी का अर्थ बताते हुए मतलब 3-डायमेंशन वाली इमेज बताया। श्री सचदेवा के अनुसार थ्री-डी तकनीकि में हम चित्र की लम्बाई व चैड़ाई के साथ गहराई भी देख सकेंगे। उन्होने कहा कि इसका अनुभव थ्री-डी गेम और मूवी देखते समय किया जा सकता है। इस विधि के द्वारा कम्प्यूटर के नियंत्रण से 3-डायमेंशनल वस्तुएॅ तैयार की जाती है।

 

निर्मित होने वाली वस्तुएॅ किसी भी आकृति की हो सकती है। निर्माण के पूर्व वस्तु का 3-डायमेंशनल डेटा स्रोत तैयार किया जाता है तथा कम्प्यूटर के नियंत्रण से थ्री-डी प्रिन्टर द्वारा परतें डाली जाती है। सरल शब्दों में थ्री-डी प्रिन्टर एक औद्योगिक रोबोट है। इस टेक्नोलाॅजी की सहायता से कृषि क्षेत्र के उपकरणों से लेकर भवन निर्माण, इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग, आॅटोमोबाइल, एयरोस्पेस, सेना, इंजीनियरिंग, दंत चिकित्सा, मेडिकल इंडस्ट्री, बायोटैक्नोलाॅजी, फैशन, फुटवियर, ज्वैलरी, आईवियर, शिक्षा, जियोग्राफिक इन्फाॅर्मेशन सिस्टम, फूड तथा कई विभिन्न क्षेत्रों की वस्तुओं को घर बैठे तैयार किया जा सकता है। चेयरमैन डा सुधीर सचदेवा ने कहा कि वर्तमान में इस तकनीकि का दायरा विस्तृत हो चुका है। कार्यक्रम में सहायक निदेशक डाॅ0 ए.के सिंह, डीन एकेडमिक्स डाॅ भोले सिंह, एसजीसीए प्रेसीडेंट मोहित गहरवार, चीफ प्रोक्टर राजीव सिंह व समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राऐ उपस्थिति रहे।

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