
फरह। कुछेक सालों पहले तक गांवों में मच्छरों की दस्तक नहीं होती थी। अब शहरों से ज्यादा गांवों में मच्छरों का आतंक छा गया है। मच्छर ही नहीं बडी बडी ढांस के बीच ग्रामीणों को कष्टप्रद रात व्यतीत करनी पड रही है। यही नहीं दिन में भी मच्छरों की भरमार है। मच्छरों के काटने से बच्चे और युवा बीमार हो रहे हैं। लोग घर घर बीमार पडे हुए हैं।






