– किसानों के माथे पर चिंता के बल पडे, गेहूं की पकी बालियों पर संकट
भरत लाल गोयल, पीडीयू समाचार

मथुरा। मौसम गिरगिट की तरह रंग बदल रहा है, जो अंतत किसानों के लिए नुकसानदायक सावित हो सकता है। रात में झमाझम बारिश ने सामान्य जनजीवन के लिए तो मुसीबत बढाई ही हैं, वरन किसानों के माथे पर भी चिंता के बल पड गए हैं। गेहूं की पकी बाली पर संकट मडराने लग गया है।
वर्तमान में खेतों में गेहूं की फसल की कटाई चल रही है। एकदम तापमान में इजाफा होने से गेंहू की बाली एकदम पककर खेतों में ही झडने को आतुर हो गई है। पांच से दस फीसदी गेहूं की लदक बालियां टूटकर गिर रही हैं। इस लिए किसान जल्दी से जल्दी फसल को घर लाने के लिए दिनरात मेहनत कर खेतों में लगे हुए हैं। सुवह 4 बजे घर से निकलकर शाम को ही घर लौट रहे हैं। लेकिन रात की बरसात ने उनकी धडकनों को तेज कर दिया है। हालांकि थोडी सी बरसात हुई है, किन्तु इससे गेहूं की बाली नम हो गई है। महुअन के किसान कमल सिंह, भगत सिंह,जोगेन्द्र व्यास,धर्मेन्द्र, मंसो आदि ने बताया कि फसल पूरी तरह पक गई है। बरसात ने अब संकट खडा कर दिया है। सनोरा के किसान हरेन्द्र ंिसंह, देवो, झंडीपुर के किसान भगवानसिंह, सुजानसिंह,प्रधान फौरन सिंह आदि ने बताया कि बरसात से गेहूं की फसल में नुकसान की आशंका है। लेकिन पुन मौसम खराब हुआ तो इस बार गेहूं की पूरी बालियां खेतों में टूटकर बिखर जाएंगी।






