-प्रचार और भीड़ बढ़ाने को चुनाव में हो रही पूछ
हरे कृष्ण गोयल

मांट : झकाझक सफेद कुर्ता, चमकदार जूते, मुंह में गुटखा एवं लग्जरी गाड़ियों का सफर, महंगे होटल में दोपहर को लंच, शाम को डिनर और क्या चाहिए। हां बात हो रही निठल्लों की, जो चुनाव प्रचार शुरू होने के साथ आसमान में उड़ने लगे हैं। कभी चलाने को साइकिल भी नसीब नहीं हो रही, अब वह लग्जरी गाड़ी में घूमते नजर आ रहे हैं। यह सारी महिमा लोक सभा चुनाव की है। दरअसल चुनाव में प्रचार एवं भीड़ जुटाने को प्रत्याशी एवं राजनेता निठल्ले लोगों की मदद ले रहे है। जिससे ‘अजगर करे ना चाकरी पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए सबके दाता राम’ दोहे को आदर्श मानने वाले निठल्लों की अब मौज हो रही है। चुनाव प्रचार शुरू होने के साथ ही निठल्ले लोगों और पहलवानों की खूब पूछ हो रही है। जो पहले दिन भर इधर-उधर भटकते रहते थे, अब वह राज नेता एवं प्रत्याशियों के साथ घूमते नजर आ रहे हैं। चुनाव में पहलवान व तगड़े जिस्म वालों के साथ लग्जरी गाड़ियों में प्रचार भी एक फैशन सा बन गया है। जिससे कई प्रत्याशी ऐसे लोगों को साथ लेकर चल रहे हैं। गांवों में बेरोजगारी का दंश झेल रहे तमाम युवा भी प्रत्याशियों की गाड़ियों में घूम रहे हैं। जिन्हें प्रचार को साथ रहने के एवज में खर्चा पानी मिल रहा है। भाड़ा प्रत्याशी का काम खुद के चुनाव में हर बार की तरह इस बार भी तमाम ऐसे छुटभैये नेता भी सक्रिय हैं,जिनके पास निजी चार पहिया वाहन है,बस कार्यालय प्रभारी से सेटिंग हो गयी और गाड़ी का नम्बर लिखवा दिया कार्यालय के कागजों में गाड़ी प्रचार में जा रही है,रोज डीजल व खर्चा भी मिल रहा है,पर वास्तव में छुटभैये नेता पार्टी के खर्च पर अपने निजी कामों को निपटाने में लगे हैं,ऐसे नेता सुबह शाम पार्टी कार्यालय से भोजन के पैकेट लेना कतई नहीं भूलते हैं। कुछ आते हैं झांसे में तो कुछ नहीं कुछ नेता तो इन युवाओं के झांसे में नहीं आते हैं और कुछ अपने आप ही उन्हें ढूंढते रहते हैं। उन्हें भीड़ जुटानी होती है तथा अपने लिए माहौल तैयार करना होता है। इसलिए वह पैसा भी लुटाते हैं। इससे युवाओं के कुछ दिन वारे न्यारे हो जाते हैं। अब यह तो समय ही बताएगा कि चुनाव परिणाम में इसका क्या असर होता है। 11 के बाद जोर पकड़ेगा प्रचार 11 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होने के बाद ही चुनाव प्रचार जोर पकड़ेगा,अभी सभी दलों के बड़े नेता और स्टार प्रचारक पहले चरण के चुनाव में व्यस्त हैं,अभी तक पूरे जनपद में किसी भी दल की कोई बड़ी चुनावी सभा नहीं हुई है। उड़नदस्ता कर रहे औपचारिकता निष्पक्ष चुनाव कराने और अनुचित साधनों का प्रयोग रोकने के लिए तमाम अधिकारियों को मजिस्ट्रेट पावर देते हुए उड़नदस्ता टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है,पर आज भी सड़कों पर कई गाड़ियां बिना अनुमति के पार्टियों के चिन्ह और झंडे लगाए घूम रही हैं,वहीं उड़नदस्तों द्वारा चैकिंग के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।






