– चैत्र प्रतिपदा के शुरू में ही जेष्ठ की जैसी आंधी आई नजर
– कही ये ग्लोबल बार्मिंग का असर तो नहीं दिख रहा
भरत लाल गोयल, पीडीयू समाचार

मथुरा। शुक्रवार की शाम छह बजे अचानक मौसम का मिजाज बिगड गया। तेज हवा और धूलभरी आंधी चलने लगी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पडा। हालांकि दिन में धूप के कडे तेवर देख लोगों को ऐसा महसूस होने लगा कि अभी से इतनी तेज गर्मी प्रारम्भ हो गईं हैं तो आगे क्या होगा। अप्रेल की शुरूआत में ही लोग पसीना पसीना होने लगे हैं। जबकि इस तरह की गर्मी मई के मध्य या जून में देखी जाती रही है। शाम को अचानक बिगडे मौसम से किसानों की सांसे थम गईं। उनको डर लगने लगा कि कहीं बरसात न हो जाए। यदि बरसात हुई तो खेतों में खडी पकी गेहूं की फसल बर्वाद हो जाएगी। ये कुदरत की रहमत रही कि थोडी सी छींटाकशी हुई। बरसात नहीं हो सकी। हवा का जोर जरूर काफी देर तक रहा।






