हरेकृष्ण गोयल
– रंग भरनी एकादशी पर कई वाहन चालक गिरे थे यमुना में

मांट। हजारों की तादाद में लोग रोजाना जान हथेली पर रखकर मांट से वृंदावन पहुंच रहे हैं,तीन फुट गहरे पानी में चलकर पोंटून पुल तक लोग पहुंच पाते हैं। मांट को वृंदावन से जोड़ने वाला पोंटून पुल को पिछले कई वर्षों से लोक निर्माण विभाग का प्रांतीय खण्ड चला रहा है।पर विभाग इसकी व्यवस्थाओं को लेकर कभी गम्भीर दिखाई नहीं दिया,अब से करीब एक माह पूर्व यमुना में जल स्तर बढ़ने से मांट की ओर की मिट्टी पानी मे ढह गई,हालांकि पुल को कोई नुकसान नहीं हुआ।पर तब से लेकर अभी तक विभाग ने कोई ध्यान ही नहीं दिया। हालात यह हैं कि पुल से मांट की ओर तेज वहाब में पानी चल रहा है,सोमवार की सुबह करीब तीन फुट पानी से बाइक,पैदल,घोड़ा गाड़ी,बैल गाड़ी,साइकिल निकल रहे थे,और यह हाल एक माह से है।रविवार को रंग भरनी एकादशी के दिन भी इस पानी से होकर पुल तक पहुंचने ले चक्कर मे आधा दर्जन से अधिक दो पहिया वाहन पानी मे गिर गए,कई वाहन चालकों को चोटें भी आईं।मात्र 5 किलोमीटर है मांट से वृंदावन पोंटून पुल से होकर मांट से वृंदावन की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है,इस पोंटून पुल को पार कर रोजाना हजारों ग्रामीण वृन्दावन जाते हैं,जिसमें बड़ी तादाद में दूधिया व सब्जी आदि बेचने वाले भी शामिल हैं।क्यों कि पानीगांव होते हुए वृंदावन की दूरी 16 किलोमीटर है।

ग्राम प्रधान ने मरम्मत का दिया ऑफर यमुना नदी के किनारे बसी बेगमपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि कन्हिया लाल ने कहा है कि यदि लोक निर्माण विभाग के पास पुल की मरम्मत को पैसा नहीं है तो वह अपनी ग्राम पंचायत के खर्चे पर पुल मरम्मत कराने को तैयार हैं,बशर्ते कि अधिकारी इसके लिए उन्हें लिखित में आदेश करें। निर्वाचन कार्य होगा प्रभावित पोंटून पुल की व्यवस्था दुरुस्त न होने से निर्वाचन कार्य भी प्रभावित होने की संभावना है,क्यों कि निर्वाचन कार्य मे मथुरा या वृंदावन आने जाने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को पुल से आने जाने में काफी समय की बचत होगी,पर लोक निर्माण विभाग पुल मरम्मत कार्य को बेहद हल्के में ले रहा है। शायद विभाग किसी बड़े हादसे के इंतज़ार में है। दो माह पूर्व तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक आजाद पाल सिंह ने भी इसकी मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग से कहा था,पर उस वक्त भी विभागीय अधिकारी चुप्पी साध गए।






