हरेकृष्ण गोयल
-रंग भरनी एकादशी पर बड़ी तादाद में लोग पहुंचें वृंदावन

मांट। रविवार को रंग भरनी एकादशी पर वृन्दावन की रंग और गुलाल से सराबोर परिक्रमा के बाद देहात पर पूरी तरह से होली का रंग चढ़ गया। देहात में रंग भरनी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है,बड़ी तादाद में देहात के श्रद्धालु रंग भरनी एकादशी पर वृन्दावन जाते हैं,बाँके बिहारी को रंग गुलाल अर्पित करने के बाद पूरा देहात रंग मय हो जाता है। रविवार को वृन्दावन कर साथ साथ पूरे मांट कस्बे में भी चारों और गुलाल औऱ रेत उड़ता दिखा। युवाओं की टोली बड़ी बड़ी पॉलीथिन में वाहनों में बैठकर बाजार में चलते लोगों पर गुलाल उठाते नजर आये।गुलाल के नाम पर उड़ता है रंगीन रेत रंग भरनी एकादशी से लेकर धुलेड़ी तक देहात में जो गुलाल उड़ाया जाता है वास्तव में वह मात्र एक तरह का रेत होता है,जिसमें रंग डाला हुआ होता है। बाजार में इस तरह का नकली गुलाल आसानी से उपलब्ध है,जो कि मात्र 5 से 10 रुपये किलो में उपलब्ध है।आंख या मुंह में इसके गिरने से भारी समस्या पैदा हो सकती है,

सीएचसी के अधीक्षक डॉ. विकास जैन कहते हैं कि इस तरह का गुलाल आंख में गिरने पर आंख को भूल कर भी न रगड़ें,बल्कि साफ पानी से आंख धो लें,यदि फिर भी राहत न मिले तो तत्काल योग्य चिकित्सक की सलाह लें।टूट रही है चौपाई,हुरंगा की परंपरा धुलेड़ी के दिन कस्बा में कई अलग अलग चौपाई निकलतीं थीं,जिसमें कस्बा के बुजुर्गवार होली के रसिया गाते हुए पूरे कस्बा में निकलते थे,जिसमें उन घरों में ये चौपाई जरूर जाती थी,जहां पिछले एक वर्ष के दौरान कोई गमी हुई हो,अब यह परम्परा लुप्त प्रायः हो चुकी है,वहीँ धुलेड़ी के दिन शाम को मांट राजा के मुस्लिम बाहुल्य पठानपाड़ा में होने वाला हुरंगा भी अब पिछले वर्ष से आयोजित नहीं हो रहा है।पूरे दिन रहे जाम के हालात रंग भरनी एकादशी पर वृंदावन जाने वाले वाहनों के चलते कस्बा के वृंदावन तिराहे पर दिन भर जाम के हालात बने रहे,दोपहर बाद थाना पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए वन वे ट्रैफिक व्यवस्था कर दी,वहीं पानीगांव से लेकर वृंदावन तक पूरे दिन जाम के हालात रहे और वाहन रेंग रेंग कर चलते रहे,वहीं पांटून पुल की व्यवस्था लोक निर्माण विभाग द्वारा दुरुस्त न किये जाने से लोगों को पुल के दोनों ओर घुटने तक पानी मे चलना पड़ा।






