छबीले लाल गोस्वामी और प्रथमेश गोस्वामी ने रसिया गाकर रिझाए पर्वतराज
गोवर्धन,(परीक्षित कौशिक):-

हाथों में गुलाल, होठों पर गिरिराजजी को आमंत्रण के बोल, सुर और स्वरों में रसिया की मिठास, अबीर गुलाल से सराबोर तलहटी। पर्वतराज गोवर्धन को बरसाना की लठामार होली का आमंत्रण भक्तों ने कुछ इस तरह दिया है।

गुरूवार को आचार्य छबीले गोस्वामी एवं प्रथमेश गोस्वामी उर्फ लड्डू गोपाल ने गोवर्धन पहुंचकर गिरिराजजी से लठामार होली में आने का अनुनय विनय किया। भक्त और भगवान की यह लीला देख श्रद्धालु अपलक निहारते रहे। छबीले गोस्वामी गोवर्धन के हरदेव स्थल पहुंचे। गिरिराजजी को धारण करने वाले हरदेव की पूजा अर्चना कर उन्होंने लठामार होली का आमंत्रण दिया। यमुना मोहन मंदिर में प्रभु को होली के रसिया सुनाकर रिझाया। ‘ नैक आगै आ श्याम तोपै रंग डारूं’…। होली तो खेलूंगी श्याम सुंदर सौं…। उक्त रसिया और गिरिराजजी की महिमा गाते हुए गोवर्धन की गलियों में आमंत्रण देते हुए घूमे। संगीतमय रसिया पर नाचते झूमते भक्त प्रभु को रिझाते रहे। पूर्व चेयरमैन गोर गोपाल मुखिया एवं दान बिहारी मुखिया ने दुपट्टा पहनाकर आमंत्रण देने आए सभी भक्तों का स्वागत किया। छबीले गोस्वामी ने गिरिराजजी की महिमा भी सुनाई। मंसा महारानी की उत्पत्ति की कथा सुनाई। इस मौके पर केशव, संजीव, मोहित, मुकुंद, रमेश आदि का सहयोग रहा।






