300 कवियों को अब तक दिया है मंच
हरेकृष्ण गोयल,
मांट। थाना क्षेत्र के छोटे से गांव से निकले मध्यम वर्गीय परिवार का सपूत आज देश भर के नवोदित कवियों को मंच निस्वार्थ भाव से मंच प्रदान कर उनकी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में जुटा है।

अरुआ ग्राम पंचायत के बहद गांव के मूल निवासी भगवती प्रसाद अग्रवाल काफी समय पहले नोहझील में जाकर बस गए। यहां इनके पुत्र मफतलाल अग्रवाल ने कई अखबारों से जुड़ने के बाद मथुरा का रुख किया,और वहां विभिन्न सामाजिक कार्यकर्मों में सहभागिता करते हुए उनके दिलो दिमाग में एक ख्याल आया कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाए,जिससे प्रोत्साहन के अभाव में अपनी प्रतिभा को उजागर करने में अक्षम महसूस कर रहे कलाकारों को मंच प्रदान किया जाए।
बस मफतलाल ने बीड़ा उठाया कवियों को मंच प्रदान करने का,करीब पांच वर्ष पूर्व सारथी नामक संस्था बनाई,जिसमें कई लोगों को जोड़ा गया,हाथरस के रवि शर्मा संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, तो नोहझील के उमेश गर्ग कोषाध्यक्ष हैं,वहीं मांट राजा निवासी अमित बंसल सीए जैसे तमाम लोग आज संस्था से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।\
55 कवि सम्मेलन कराए
सारथी सचिव मफतलाल बताते हैं कि अब तक 55 कवि सम्मेलन आयोजित कराए जा चुके हैं,जिसमें 300 नवोदित कवियों को अब तक अपनी काव्य रचना का अवसर मिल चुका है।दिल्ली की पल्लवी त्रिपाठी,हाथरस के नितिन मिश्रा, वृंदावन के राम किशन वैष्णव,रेवाड़ी के हास्य कवि यशवीर कौशिक,नोएडा के वीर रस के कवि अमित शर्मा,फरीदाबाद के प्रभात परवाना धौलपुर के रामबाबू सिकरवार,मथुरा के मनवीर मधुर जैसे तमाम कवि सारथी के मंच पर आ चुके हैं। मफतलाल अग्रवाल ने बताया कि सारथी के मंच से पहचान पाने के बाद यशवीर कौशिक व अमित शर्मा आज राष्ट्रीय स्तर की पहचान बन चुके हैं कई बड़े टीवी चैनलों पर भी इनके प्रोग्राम प्रसारित होने लगे हैं।
डांस कम्पटीशन की भी शुरुआत
सारथी ने छोटे बच्चों की नृत्य व गायन की प्रतिभा को पहचान दिलाने के उद्देश्य से डांस कम्पटीशन भी शुरू किया है। अब तक ऐसे दो प्रोग्राम मथुरा में हो चुके है,इसके विजयी प्रतिभागियों को संस्था बड़े मंच दिलाने का भी काम कर रही है।सचिव श्री अग्रवाल ने बताया कि संस्था का प्रयास अब देहात में कवि सम्मेलनों का आयोजन कराने का है,ताकि देहात के लोग भी कवि सम्मेलन से जुड़ सकें।






