हरेकृष्ण गोयल,
लाखों रुपये लगाकर बृज विकास ट्रस्ट ने कराया है मन्दिर का सौंदर्यीकरण

गुरू शरणानंद महाराज व कृष्णचन्द्र शास्त्री ने किया लोकार्पण
मांट। यमुना किनारे बेलवन स्थित 5000 वर्ष पुराने महालक्ष्मी मंदिर अब नए स्वरूप में नजर आएगा।लाखो रूपयो से मन्दिर का सौन्दर्यीकरण कराया गया है जिसका लोकार्पण शनिवार को भजन संध्या और विशाल भंडारे का साथ किया गया।
बेलवन में हजारों वर्ष से महालक्ष्मी जी यमुना किनारे तपस्या कर रही है जहां पर मैया के इस स्वरूप को देखने और दर्शन करने के देश-विदेश लाखों श्रदालू पहुचते है वही पौष माह के हर गुरुवार को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है।इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रज विकास ट्रस्ट द्वारा मन्दिर का लाखों रुपये लगाकर सौदर्यीकरण कराया है जिसका लोकार्पण गुरू शरणानंद महाराज व कृष्णचन्द्र शास्त्री सहित बृज के दर्जनों सन्तो द्वारा शनिवार को देर शाम किया वही भजन संध्या और ग्रामीणों के विशाल भंडारा भी आयोजित हुआ। गुरू शरणानंद महाराज ने भक्तो को सबोधित होते हुए कहा कि बृज में दर्शन करने के सौभाग्य उन्हें ही मिलता है जिन्हें राधारानी बुलाती है। भागवताचार्य कृष्णचन्द्र शास्त्री ने कहा कि बृज में जितने भी पेड़ पौधे और पक्षी है वह बहुत ही भाग्यशाली है जिनमें कण-कण श्रीकृष्ण और राधा विराजमान है।वही वत्स गोस्वामी महाराज ने कहा कि महालक्ष्मी जी का भोग और प्रसाद 56 भोग और 36 व्यजनों से अलग और अद्भुत है। बृज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकान्त मिश्र ने कहा कि ऐसे ही बृज में मन्दिर सौंदर्य का कार्य चलता रहना चाहिए जिससे दूर-दराज से आने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भक्ति में मन लगा रहे। इसके अलावा श्री ग्राम विकास महालक्ष्मी समिति द्वारा सभी को स्मृति चिन्ह और माला डालकर स्वागत किया।इस मौके पर बृज विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष विश्व नाथ चौधरी,सचिव रमाकांत गोस्वामी, सत्यप्रकाश सिंह,धर्मबीर सिंह,उदयसिंह आदि मौजूद रहे।






