हरेकृष्ण गोयल,

मांट। वुधवार को मांट मूला के ढोंढा मोहल्ला की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद हुए हंगामे को लेकर पुलिस द्वारा की गई कार्यवाई से लोग भयभीत हैं।
पुलिस ने गुरुवार की रात बड़ी कार्यवाई करते हुए 10 लोगों को जेल भेज दिया था,मौहल्ला के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने जम कर बर्बरता की,कई मकानों में तोड़ फोड़ भी की,वहीं कई थानों की पुलिस को लेकर दी गयी दविश से मोहल्ला वासी काफी भयभीत हैं,शुक्रवार को भी पुलिस ने कई घरों में सामान को उलट पुलट किया।
पुलिस की कार्यवाही के चलते मौहल्ला में कर्फ्यू जैसे हालात हो गए हैं,ज्यादातर युवा घरों को छोड़कर रिश्तेदारियों में चले गए हैं।पूरे मोहल्ला में दो चार बुजुर्गवार व महिलाएं ही नजर आ रही हैं।
ट्रैक्टर चालक को भगाने का है पुलिस पर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना करने वाले ट्रेक्टर को मौके पर पहुंची पुलिस से सुरक्षित निकल जाने में सहयोग किया,जिसे देख मामला बिगड़ा और कुछ उत्साही युवकों ने पुलिस के साथ अभद्रता कर दी। आरोप है कि पुलिस ने कुछ ऐसे लोग भी जांच के दौरान आरोपी बना दिये हैं।जो या तो घटना के वक्त घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे,या फिर केवल तमाशबीन थे। वकीलों व गांव के बुजुर्गों का एक प्रतिनिधि मंडल भी इस बाबत सीओ राकेश कुमार से मिला था।और अपनी पीड़ा से उन्हें अवगत भी कराया था।
बंदरों के लिए उठाए डंडे ने पहुंचाया जेल
गुरुवार को जिस समय पुलिस मौहल्ला में दविश दे रही थी,उस वक्त एक युवक राजेश घर की ऊपरी मंजिल में कमरे में सो रहा था,पुलिस की आहट उसने बंदरों की आहट समझी औऱ वह डंडा लेकर बन्दरों को भगाने के लिए दरवाजे से निकला पुलिस ने डंडे को स्वयं के लाया मान कर गिरफ्तार कर लिया।






